राजस्थान में एससी-एसटी अत्याचार मामलों में करीब 28 प्रतिशत की कमी आई : भजनलाल शर्मा

राजस्थान में एससी-एसटी अत्याचार मामलों में करीब 28 प्रतिशत की कमी आई : भजनलाल शर्मा

राजस्थान में एससी-एसटी अत्याचार मामलों में करीब 28 प्रतिशत की कमी आई : भजनलाल शर्मा
Modified Date: July 21, 2026 / 08:32 pm IST
Published Date: July 21, 2026 8:32 pm IST

जयपुर, 21 जुलाई (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को कहा कि राज्य में पिछले करीब ढाई वर्षों में अनुसूचित जातियों (एससी) और अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के खिलाफ अत्याचार के मामलों में लगभग 28 प्रतिशत की कमी आई है जिसका श्रेय राज्य सरकार के कदमों को जाता है।

यहां मुख्यमंत्री आवास पर राज्य स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए शर्मा ने एससी-एसटी समुदाय के खिलाफ अपराध करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और ऐसे मामलों में समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा,‘‘राज्य सरकार एससी और एसटी समुदाय के लोगों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। पिछले करीब ढाई वर्षों में उठाए गए कदमों के कारण अत्याचार के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में कमी आने के साथ-साथ उनके निस्तारण की गति में भी सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘अब लगभग 68 प्रतिशत मामलों का निस्तारण निर्धारित 60 दिनों की समयसीमा के भीतर हो रहा है तथा इसे और अधिक मजबूत किया जाना चाहिए।’’

शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील मामलों की जांच गंभीरता और तत्परता से की जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा,‘‘एससी-एसटी समुदाय के खिलाफ होने वाले अपराधों से सख्ती से निपटा जाए और समाज में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के प्रयास भी किए जाएं।’’

मुख्यमंत्री ने बताया कि 45 पुलिस जिलों में एससी-एसटी प्रकोष्ठ स्थापित किए जा चुके हैं और शेष जिलों में भी जल्द ही ऐसे प्रकोष्ठ स्थापित किए जाएंगे।

उन्होंने पुलिस और अभियोजन विभाग को आपसी समन्वय से कार्य कर ऐसे मामलों में दोषसिद्धि दर बढ़ाने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा,‘‘एक वर्ष से अधिक पुराने लंबित मामलों का विशेष अभियान चलाकर निस्तारण किया जाए तथा जिला और थाना स्तर पर उनकी निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाए।’’

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मामलों के निस्तारण में लगने वाला औसत समय 128 दिन से घटकर 53 दिन रह गया है तथा 60 दिनों के भीतर निस्तारित होने वाले मामलों का प्रतिशत भी पिछले वर्षों में लगातार बढ़ा है।

बैठक में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, मंत्रियों तथा मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

भाषा बाकोलिया राजकुमार

राजकुमार


लेखक के बारे में