नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि राजधानी के विकास कार्यों में न तो बजट की कोई कमी होने दी जाएगी और न ही कोई कोताही बर्दाश्त की जाएगी।
रेखा ने संबंधित विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि वे मार्च के अंत तक सभी कार्यों के टेंडर आदि की प्रक्रिया पूरी करें और मानसून से पहले इन कार्यों को पूरा कर लें।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, रेखा ने मुख्यमंत्री विकास फंड (सीएमडीएफ), दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड (डीवीडीबी) व यमुनापार क्षेत्र विकास बोर्ड (टीवाईएडीबी) के अंतर्गत राजधानी के विभिन्न इलाकों में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए।
गुप्ता के अनुसार, इन तीनों विभागों के तहत अब तक कुल मिलाकर लगभग 3,786 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि नए वित्त वर्ष शुरू होते ही विकास कार्यों से जुड़ी प्रक्रिया तेजी से शुरू की जाए, ताकि तय समय पर कार्य पूरे हो जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “राजधानी में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री विकास फंड (सीएमडीएफ) योजना के तहत अब तक 3,812 विकास परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दी जा चुकी है, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग 1798.85 करोड़ रुपये है।”
समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड (डीवीडीबी) के तहत विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में 707 विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिन पर लगभग 1,557 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
गुप्ता ने यह भी बताया कि यमुनापार में विकास कार्यों को तेजी से कराने के लिए यमुनापार क्षेत्र विकास बोर्ड के कुल 799 कार्यों को स्वीकृति दी गई है, जिन पर लगभग 430 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम करें और लंबित परियोजनाओं से जुड़े दस्तावेज व टेंडर प्रक्रिया को जल्द पूरा करें ताकि विकास कार्यों को और तेज गति मिल सके।
बैठक में डीवीडीबी के अध्यक्ष राजकुमार चौहान व टीवाईएडीबी के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
भाषा नोमान नोमान रंजन
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