तमिलनाडु में केंद्र के कार्यालयों, पीएसयू में तमिल भाषियों के लिए पर्याप्त अवसर हों: स्टालिन

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तमिलनाडु में केंद्र के कार्यालयों, पीएसयू में तमिल भाषियों के लिए पर्याप्त अवसर हों: स्टालिन

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  • Publish Date - December 27, 2022 / 07:59 PM IST,
    Updated On - December 27, 2022 / 07:59 PM IST

चेन्नई, 27 दिसंबर (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने राज्य में केंद्र सरकार के कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में स्थानीय तमिल भाषी लोगों को नियुक्ति में प्राथमिकता देने की अपनी पुरानी मांग एक बार फिर केंद्र के साथ उठाई है।

स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि पिछले साल उन्हें एक ज्ञापन सौंपा गया था जिसके बाद एक पत्र में स्थानीय तमिल लोगों को पर्याप्त अवसर देने की मांग की गयी थी।

उन्होंने पत्र में लिखा, ‘‘मुझे विश्वास है कि आप इस बात पर सहमत होंगे कि सभी क्षेत्रों के लोगों के लिए पर्याप्त अवसर से ही क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के साथ-साथ बेहतर सेवा प्रदायगी सुनिश्चित की जा सकती है और विभिन्न स्तरों पर केंद्र सरकार और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में शामिल होने की उनकी आकांक्षा को पूरा किया जा सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि आप जानते हैं, नागरिक केंद्रित प्रशासन, सुशासन की अनिवार्य शर्त है जिसमें जनता के साथ मुक्त संपर्क की आवश्यकता है और केवल स्थानीय भाषा एवं संस्कृति से परिचित व्यक्ति ही इसे पूरा कर सकते हैं।’’

राज्य सरकार ने मंगलवार को पत्र जारी किया, जिसमें मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा, तमिलनाडु में तकनीकी और शैक्षणिक दोनों क्षेत्रों में तुलनात्मक रूप से उच्च ज्ञान और कौशल वाले अधिक मानव संसाधन हैं और उनका अच्छी तरह से उपयोग किया जा सकता है।

स्टालिन ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग की वर्ष 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट स्पष्ट इशारा करती है कि दक्षिणी क्षेत्र से योग्य उम्मीदवारों की संख्या चयनित हुए कुल 28,081 योग्य व्यक्तियों का केवल 4.5 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि इसी तरह रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा इस साल दक्षिण में विभिन्न पदों के लिए विभिन्न तारीखों पर आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित अधिकतर लोग तमिलनाडु के नहीं हैं।

स्टालिन ने कहा, ‘‘इससे बेरोजगार युवाओं में बहुत निराशा है और सामाजिक-राजनीतिक हलकों में भी बहुत चिंता की स्थिति है।’’

मुख्यमंत्री ने इच्छा जताई कि प्रधानमंत्री सभी केंद्रीय भर्ती एजेंसियों द्वारा तमिल भाषा में भी परीक्षा कराने के लिए जरूरी कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि यह राज्य में रेलवे के अलावा केंद्र सरकार के दफ्तरों और पीएसयू में भर्ती में तमिलनाडु के अभ्यर्थियों के लिए मददगार होगा।

भाषा वैभव पवनेश

पवनेश