अगरतला, 14 मार्च (भाषा) टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के सुप्रीमो प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने आरोप लगाया कि त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद चुनावों से पहले उनकी पार्टी को तोड़ने की साजिश रची जा रही है।
देबबर्मा के ये आरोप राज्य में जारी इन अटकलों के बीच आए हैं कि उनकी पार्टी के कुछ विधायक परिषद चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो सकते हैं।
इनमें एक मंत्री भी शामिल हैं।
त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा में टिपरा मोथा पार्टी के 13 विधायक हैं और पार्टी के दो विधायक माणिक साहा सरकार में मंत्री भी हैं।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बृहस्पतिवार को कहा था कि त्रिपुरा के विधायक और वन मंत्री अनिमेष देबबर्मा के भाजपा में शामिल होने की खबरें अफवाह हैं।
देबबर्मा ने पश्चिम त्रिपुरा के खुमुलवंग में पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वह पिछले दो वर्षों से तिप्रसा लोगों के अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने किसी नेता का नाम लिए बिना कहा, “पार्टी को तोड़ने की कोशिशों की खबरें थीं लेकिन असल में यह साजिश बुबागरा (किंग) को तोड़ने के लिए रची गई थी। जिन्होंने भी ऐसा करने की कोशिश की है, उन्हें समय आने पर मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।”
देबबर्मा ने एकजुटता की आवश्यकता पर जोर देते हुए आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए आदिवासी लोगों को हिंदू व ईसाई या त्रिपुरी (समुदाय), रियांग या मोग के आधार पर बांटने की कोशिश की जाएगी।
देबबर्मा ने कहा कि भाजपा के उम्मीदवारों की घोषणा करने के पांच मिनट के भीतर ही टिपरा मोथा परिषद चुनावों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर देगी ताकि सत्तारूढ़ दल उनके पार्टी के किसी भी नेता को अपना उम्मीदवार न बना सके। टीएमपी प्रमुख ने आदिवासी दलों के नेताओं से यह भी आग्रह किया कि वे चुनावों में आदिवासी समुदाय के उम्मीदवारों से मुकाबला न करें।
उन्होंने कहा, “2021 के परिषद चुनाव में टीएमपी को त्रिपुरा आदिवासी मोर्चा (आईपीएफटी) के खिलाफ चुनाव लड़ना पड़ा था, जिसका खामियाजा तिप्रसा (आदिवासी) समुदाय को भुगतना पड़ा था। इस बार भाजपा और टीएमपी के बीच मुकाबले का मंच तैयार है। हम सभी को यह सुनिश्चित करना होगा कि तिप्रसा समुदाय के भीतर कोई चुनावी लड़ाई न हो।”
मुख्यमंत्री माणिक साहा द्वारा हाल ही में कुछ रैलियों में परिषद की सभी 28 सीट पर भाजपा के चुनाव लड़ने की घोषणा का जिक्र करते हुए देबबर्मा ने कहा कि टीएमपी सभी सीट पर भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, “हमने भाजपा के साथ चुनावी समझौते को नहीं तोड़ा है लेकिन अगर मुख्यमंत्री कोई चुनौती देते हैं, तो हम उसे सहर्ष स्वीकार करेंगे। मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री बाद में पीछे नहीं हटेंगे।”
भाषा जितेंद्र पवनेश
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