jabalpur news cruise/ image source: ibc24
Bargi Dam Cruise Hadsa: जबलपुर: जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज़ हादसे में अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं। रेस्क्यू टीमों ने SDRF, NDRF और भारतीय सेना की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ है। सामने आई सबसे दिल दहला देने वाली तस्वीरों में एक माँ और बेटे के आपस में लिपटे शव मिले हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। अब तक मिले मृतकों में 8 महिलाएं और 1 बच्चा शामिल है, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
हादसा उस समय हुआ जब नर्मदा नदी पर बरगी डैम में पर्यटकों से भरा क्रूज़ तेज आंधी और खराब मौसम के कारण पलट गया और कुछ ही मिनटों में पूरी तरह डूब गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, तेज हवाओं के चलते क्रूज़ में पानी भर गया और स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो गई। पर IBC24 के कुछ सवाल हैं, सवाल यह हैं कि जब मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया था, तब भी क्रूज़ को जिसमें छोटे-छोटे बच्चे भी मौजूद थे, गहरे पानी में क्यों उतारा गया? सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की गई की गई?
IBC24 लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है और भी कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, क्या क्रूज़ संचालन के दौरान यात्रियों को लाइफ जैकेट मुहैया क्यों नहीं उपलब्ध कराए गए थे? किसी भी आपात स्थिति के लिए बैकअप प्लान, छोटी नावें या गोताखोर मौजूद क्यों नहीं थे? इतना बड़ा पर्यटन स्थल होने के बावजूद न तो पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे और न ही आपातकालीन बचाव दल तैयार था, क्यों? यहां तक कि पुलिस चौकी और रिस्पॉन्स सिस्टम की कमी भी सवालों के घेरे में है।
कैटामारन (Catamaran) क्रूज़ को आम तौर पर पर्यटन और आरामदायक यात्रा के लिए बेहद सुरक्षित और स्थिर माना जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा इसका डबल हल (दो पतवार) डिज़ाइन है, जो इसे पानी पर अत्यधिक स्थिरता प्रदान करता है और मोनोहल नावों की तरह एक तरफ झुकने (heeling) से बचाता है। इस वजह से यात्रियों को कम समुद्री बीमारी होती है और यात्रा अधिक आरामदायक रहती है। आधुनिक कैटामारन में सकारात्मक उत्प्लावन (positive buoyancy) तकनीक होती है, जिससे यह पलटने पर भी डूबती नहीं है और पानी की सतह पर ही बनी रहती है, जिससे सुरक्षा बढ़ जाती है। इसके अलावा, इसका उथला ड्राफ्ट इसे तटीय और कम गहरे पानी वाले क्षेत्रों में भी सुरक्षित संचालन योग्य बनाता है। अधिकतर कैटामारन में दो इंजन होते हैं, जिससे किसी एक इंजन के खराब होने पर भी सुरक्षित संचालन संभव रहता है। हालांकि अत्यधिक खराब मौसम या गलत संचालन में पलटने का जोखिम बहुत कम स्तर पर मौजूद रहता है, लेकिन अनुभवी चालक और सही प्रबंधन के साथ यह अत्यंत सुरक्षित माना जाता है।
हालांकि, घटना के बाद पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या यह हादसा प्राकृतिक आपदा था या सिस्टम की गंभीर लापरवाही का नतीजा-और आखिर इस त्रासदी के असली जिम्मेदार कौन हैं?