Threatening Phone Calls: हाथ पैर जोड़ आपके सामने गिड़गिड़ाने लगेंगे, धमकी देने और फ्रॉड करने वाले.. धोखेबाजों की आएगी शामत! बस अपना लें ये फंडा
Threatening Phone Calls: आजकल मोबाइल से किसी से भी बात करना तो बहुत आसान है, पर साथ ही फोन पर गाली-गलौज और डराने-धमकाने जैसी परेशानियाँ भी बहुत बढ़ गई हैं। डरे नहीं, आपके सामने हाथ पैर जोड़ेंगे, धमकी देने और फ्रॉड करने वाले.. बस अपना लें ये फंडा..
Cyber Fraud Threatening calls/Image Source: IBC24
- जो कॉल करके धमकाते थे, अब खुद कॉल करके माफी माँगेंगे!
- ये फंडा अपना लिया, तो अपराधी खुद पुलिस के सामने आकर रोएंगे!
Threatening Phone Calls: एक छोटा सा गैजेट, जिसने पूरी दुनिया मुट्ठी में कर ली, अब धीरे-धीरे हमारी शांति को अपनी मुट्ठी में कैद कर रहा है। सुविधा की इस दौड़ में हमने मोबाइल को गले तो लगा लिया, पर कई बार इसकी कीमत, नई समस्याओं के रूप में चुकानी पड़ती हैं।
Phone Harassment Calls: धमकी भरे कॉल्स आने पर आवाज़ उठाएं!
आजकल मोबाइल से किसी से भी बात करना तो बहुत आसान है, पर साथ ही फोन पर गाली-गलौज और डराने-धमकाने जैसी परेशानियाँ भी बहुत बढ़ गई हैं। ख़ामोशी अक्सर जुर्म को बढ़ावा देती है। अगर फ़ोन पर कोई आपकी गरिमा को ठेस पहुँचाता है या आपको डराता है, तो याद रखें कि आपकी मानसिक शांति और सुरक्षा सबसे पहले है। अपनी आवाज़ उठाएं, इसे अनसुना न करें।
ऐसे मामलों में सतर्क रहें, अपने अधिकार समझें और जरूरत पड़ने पर कानून की मदद लें। यह एक गंभीर अपराध है और कानून इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करता है। आइये, जान लें कि कौन-सी बातें कानूनन अपराध के दायरे में आती हैं?
मोबाइल राहत भी है और आफत भी!
Cyber Fraud: कानून की नज़र में किन-किन कामों को जुर्म माना जाता है?
फोन पर जान से मारने या शारीरिक नुकसान पहुँचाने की धमकी देना भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत एक दंडनीय अपराध है। जान लें कि ऐसे मामलों में BNS 351/352 (पुरानी धारा 503/506 IPC) के तहत केस दर्ज कराया जा सकता है। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस जांच शुरू करती है और जरूरत पड़ने पर दोषी को सज़ा भी दी जाती है।
फ़ोन (Phone) पर अपशब्दों का प्रयोग या अपमानजनक भाषा का उपयोग भी दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। कानून के मुताबिक (BNS 356), अगर कोई आपको जानबूझकर नीचा दिखाता है या उकसाता है ताकि लड़ाई हो, तो आप उसके खिलाफ केस दर्ज करा सकते हैं। इच्छा के विरुद्ध बार-बार फोन या मैसेज के माध्यम से किसी को परेशान करना ‘स्टॉकिंग’ (Stalking) की श्रेणी में आता है, जो एक दंडनीय अपराध है। ऐसी हरकतें BNS की धाराओं के तहत गंभीर अपराधों की सूची में आती हैं..
Harassment Phone Calls: ऐसी परिस्थिति में क्या करें?
ठोस सबूतों के आधार पर ही कार्रवाई होगी, इसलिए सबसे जरूरी है सबूत रखना, क्योंकि बिना किसी प्रूफ के पुलिस भी मदद नहीं कर पाएगी। कानूनी कार्यवाही को पुख्ता बनाने हेतु सभी डिजिटल फुटप्रिंट्स, जैसे कॉल लॉग्स और चैट बैकअप आपके सबसे बड़े गवाह हैं।
ऐसी परिस्थिति में, डरें नहीं, बस हिम्मत से काम लें, हर मुश्किल का कानूनी समाधान मौजूद है। नंबर ब्लॉक करने में जल्दबाजी न करें, पहले सबूतों का बैकअप ले लें और उसके बाद ही उस नंबर को ब्लॉक करें। कानूनी सहायता के लिए आप कभी भी साइबर सेल या लोकल पुलिस स्टेशन की मदद ले सकते हैं। मदद के लिए महिला सहायता केंद्र और डिजिटल रिपोर्टिंग पोर्टल 24/7 आपके लिए उपलब्ध हैं।
इन्हें भी पढ़ें:
- Railway Helpline Number : यदि चलती ट्रेन में अचानक से ख़राब हो जाए तबियत,, तो घबराएं नहीं.. इस नंबर पर कॉल करते ही मिलेगी तत्काल मेडिकल सहायता
- Emergency Railway ticket : इमरजेंसी हालातों में, क्या ट्रेन में बिना टिकट के सफर किया जा सकता है? जान लें यहाँ मिलेगी तत्काल फ्री सीट
- Vande Bharat News: Pet Lovers के लिए खुशखबरी! वन्दे भारत में अब कुत्ते और बिल्लियां भी जाएंगे साथ.. जान लें बुकिंग की पूरी प्रक्रिया

Facebook


