नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) दिल्ली पुलिस ने एक साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने ऑनलाइन लॉटरी के बहाने 59 वर्षीय रेलवे कर्मचारी से लगभग 60,000 रुपये ठग लिए। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
भारतीय रेलवे में वरिष्ठ लिपिक भीम चंद ने शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन के जरिए लुभाया गया जिसमें 11 करोड़ रुपये तक की लॉटरी जीतने का वादा किया गया था।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने पिछले अक्टूबर में लॉटरी टिकट खरीदने के लिए 500 रुपये का भुगतान किया था और बाद में उन्हें सूचित किया गया कि उन्होंने 10 लाख रुपये जीते हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाद में उन्हें कई फोन आए जिनमें इनाम की रकम पाने के लिए आयकर और क्लीयरेंस शुल्क जैसे विभिन्न बहाने बनाकर पैसे की मांग की गई।
अधिकारी के मुताबिक, इन दावों पर विश्वास करके उन्होंने पांच बार में लगभग 60,000 रुपये दे दिए जिसके बाद उन्हें अहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने पता लगाया कि जिस खाते में पैसा भेजा गया था वो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खोला गया था।
अधिकारी ने बताया कि आगे के विश्लेषण से पता चला कि धोखाधड़ी वाले खाते से जुड़े कई मोबाइल नंबर एक ही मोबाइल से संचालित हो रहे थे।
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के आधार पर, आरोपियों के उत्तरी दिल्ली के भलस्वा डेयरी क्षेत्र में होने का पता चला।
अधिकारी ने बताया, ‘पुलिस टीम ने चार अप्रैल को भलस्वा डेयरी से दीपांशु (27) को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के बाद उसी दिन बादली से सह-आरोपी चंदू शर्मा (27) को गिरफ्तार किया गया।’
इसके बाद, तीसरी आरोपी सीता (42) को सात अप्रैल को भलस्वा डेयरी से गिरफ्तार किया गया।
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर इस गिरोह से जुड़ी कम से कम 10 शिकायतें मिली हैं।
भाषा नोमान नोमान पवनेश
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