नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों के नेताओं ने मंगलवार को सत्तारूढ़ गठबंधन के सांसदों की साप्ताहिक बैठक में हिस्सा लिया। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए एनसीपीआई के 20 सांसदों में से तीन सांसद बैठक में शामिल नहीं हुए, जिससे गठबंधन के साथ उनके जुड़ाव को लेकर मतभेद के संकेत मिल रहे हैं।
पश्चिम बंगाल के जंगीपुर से खलीलुर रहमान, मुर्शिदाबाद से अबू ताहेर खान और बहरामपुर से यूसुफ पठान इससे पहले 21 जुलाई को हुई राजग संसदीय दल की पहली ‘मंगल मिलन’ बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे।
खान ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम राजग के साथ नहीं हैं और न ही भाजपा में शामिल हो रहे हैं। आज भी राजग की बैठक थी, लेकिन हम तीनों उसमें नहीं गए। हालांकि, मुख्यमंत्री (शुभेंदु अधिकारी) की ओर से बुलाई गई बैठक में शामिल होंगे क्योंकि वह मेरे संसदीय क्षेत्र के विकास कार्यों से जुड़ी है। मुसलमानों के खिलाफ किसी भी कदम का हम समर्थन नहीं करेंगे।’’
इस बीच, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मंगलवार को संसद भवन पहुंचे।
सूत्रों ने बताया कि मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले इन तीन सांसदों ने ‘अपने मतदाताओं के एक वर्ग द्वारा भाजपा के साथ उनकी कथित निकटता पर सवाल उठाए जाने के बाद राजग की बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया।’
इन तीन सांसदों की अनुपस्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि लोकसभा में 20 सदस्यीय एनसीपीआई समूह को मान्यता देने का मामला अभी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष लंबित है।
दल-बदल रोधी कानून के तहत इस अलग हुए समूह को तभी संरक्षण मिल सकता है, जब उसके पास तृणमूल कांग्रेस के मूल 28 लोकसभा सांसदों में से कम से कम दो-तिहाई सांसदों का समर्थन हो।
एनसीपीआई के सदन के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय भी मंगलवार को पहली बार राजग संसदीय दल की बैठक में शामिल हुए।
बंद्योपाध्याय ने कहा, ‘‘मैं देश के सबसे वरिष्ठ सांसदों में से एक हूं। एनसीपीआई में सभी एकजुट हैं। यह अच्छा अनुभव है।’’
उन्होंने असंतुष्ट सांसदों के बीच मतभेद की अटकलों को भी खारिज किया।
संसद भवन परिसर में हुई इस बैठक में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बगल में बैठे नजर आए। यह बैठक ऐसे समय हुई, जब एक दिन पहले बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार को चुनाव रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर से हार का सामना करना पड़ा था।
भाजपा का गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर में उपचुनाव इसलिए ज़रूरी हो गया था क्योंकि नवीन ने पार्टी अध्यक्ष बनने और राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद सीट छोड़ दी थी।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने खेलों पर एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया और कहा कि मोदी सरकार ने 2014 में एक खेल नीति अपनाई थी, जिसके परिणामस्वरूप भारत को अब ओलंपिक, एशियन गेम्स और राष्ट्रमंडल खेल जैसी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में स्वर्ण समेत कई पदक मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रोजगार देने के तरीकों पर एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण भी दिया गया और बताया गया कि युवाओं के लिए रोजगार के मौके दिन-ब-दिन बढ़े हैं।
तिवारी ने कहा, ‘‘हमें मंगल मिलन में बताया गया कि 2004 से 2014 के बीच, जब संप्रग सत्ता में था, सिर्फ 2.89 करोड़ युवाओं को नौकरी मिली, जबकि 2014 से 2026 के बीच कुल 17.1 करोड़ युवाओं को रोजगार मिला।’’
उन्होंने कहा कि राजग संसदीय दल की बैठक में सरकार की अलग-अलग सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी प्रस्तुतिकरण दिया गया।
भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी ने बैठक के बारे में कहा, ‘‘मंगल मिलन में मंगल ही होता है।’’
राजग के सहयोगी दल जदयू, जद(एस), राकांपा, शिवसेना और एनसीपीआई के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विदेश मंत्री एस जयशंकर के अलावा अन्य मंत्री और नेता भी शामिल हुए।
भाषा
राखी देवेंद्र
देवेंद्र