भोपालः State Employees Strike मध्यप्रदेश में कर्मचारियों ने अब सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है। नए साल में कर्मचारियों के सबसे बड़े वर्ग तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के बैनर तले सभी कर्मचारी लंबित मांगों को लेकर 2 जनवरी 2027 को भोपाल में विशाल धरने का ऐलान किया है। प्रदेश के कर्मचारी संगठनों ने सरकार से अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की तर्ज पर 7.50 लाख कर्मचारियों और 4.50 लाख पेंशनर्स को 1 जनवरी 2026 से 2% महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाकर 60% करने की मांग की है। केंद्र सरकार यह लाभ दे चुकी है, लेकिन मध्य प्रदेश में सिर्फ 58% डीए मिल रहा है। 2% की वृद्धि 1 जनवरी से होनी थी।
State Employees Strike कर्मचारियों का ये भी कहना है कि गैस, पेट्रोल और खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से कर्मचारियों का बजट गड़बड़ा गया है। मात्र 650 करोड़ रु. खर्च कर 9 महीने के एरियर के साथ राहत दी जा सकती है, जबकि सरकार लाडली बहनों को हर महीने 1,857 करोड़ रुपए दे रही है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में अनुकंपा नियुक्ति, पदोन्नति में सीपीसीटी की अनिवार्यता समाप्त करना, परिवीक्षा अवधि में 70, 80 और 90 प्रतिशत वेतन देने के आदेश पर रोक लगाकर कर्मचारियों को वर्ष 2019 से 100 प्रतिशत वेतन देने की मांग। इसके अलावा लिपिकों की ग्रेड पे में विसंगति दूर करने और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने, गुरुजी की वरिष्ठता समेत कई मांगें लंबित हैं।
इन सभी मांगों के निराकरण में लगातार हो रही देरी के कारण कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। इसलिए नए साल में कर्मचारियों ने बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया है। उधर, कर्मचारियों से जुड़ा मुद्दा होने के कारण इस पर सियासत भी शुरू हो गई है। बीजेपी का कहना है सरकार कर्मचारी हितैषी है और सभी मांगों का निराकरण किया जा रहा है, तो वहीं कांग्रेस ने सरकार पर कर्मचारी विरोधी होने का आरोप लगाया है।