नयी दिल्ली, छह जून (भाषा) दिल्ली में एक नाबालिग समेत हिमांशु भाऊ गिरोह के तीन कथित निशानेबाजों (शार्पशूटर) को हिरासत में लिया गया तथा उनके पास से दो अत्याधुनिक अवैध पिस्तौल और 27 कारतूस जब्त किये गये। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, तीनों को पांच जून को शाम में तब हिरासत में लिया गया जब गश्ती दल को पूठ खुर्द के बंगाली बाजार में मुख्य सड़क के पास एक मोटरसाइकिल पर संदिग्ध रूप से तीन सवार नजर आये।
पुलिस के मुताबिक, अधिकारियों ने उन्हें पकड़ लिया, वे कथित तौर पर उत्तरी दिल्ली के बाहरी इलाके बवाना में एक हमले को अंजाम देने जा रहे थे।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “पुलिसकर्मियों को देखते ही उन्होंने अचानक मुड़कर भागने की कोशिश की। टीम ने तुरंत उनका पीछा किया और उन्हें पकड़ लिया।”
पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान हरियाणा के झज्जर निवासी अजय (22), पूठ खुर्द के कन्हैया कुमार (22) और उसी इलाके के 17-वर्षीय एक किशोर के रूप में हुई है।
तलाशी के दौरान पुलिस ने अजय से एक पिस्तौल और 18 कारतूस बरामद किए, जबकि कन्हैया से एक पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने नाबालिग से छह अतिरिक्त कारतूस बरामद किए।
पुलिस ने आरोपियों की मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली।
पुलिस ने बताया कि बवाना थाने में शस्त्र अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने कथित तौर पर खुलासा किया कि वे पूठ खुर्द निवासी नितिन उर्फ विक्की उर्फ हड्डल के इशारे पर काम कर रहे थे, जो जेल में बंद गैंगस्टर हिमांशु भाऊ का करीबी सहयोगी माना जाता है।
जांचकर्ताओं ने बताया कि विक्की ने कथित तौर पर अजय को झज्जर से भर्ती किया था तथा सोशल मीडिया के माध्यम से उसे कन्हैया और नाबालिग से मिलवाया था।
पुलिस के अनुसार, तीनों ने कथित तौर पर बावना इलाके में एक कमरा किराए पर लिया था और वे पूठ खुर्द गांव के एक निवासी पर नजर रख रहे थे, जो उनका संभावित शिकार था।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने सुनियोजित हमले को अंजाम देने के लिए हथियार और गोला-बारूद हासिल किए थे, लेकिन साजिश को अंजाम देने से पहले ही उन्हें पकड़ लिया गया।
पुलिस ने बताया कि अजय पहले भी इसी साल हरियाणा में दर्ज एक आपराधिक मामले में शामिल था।
भाषा राजकुमार सुरेश
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