बेंगलुरु, 28 सितंबर (भाषा) कर्नाटक सरकार के अनुरोध पर केंद्र के तीन दल राज्य का दौरा कर यहां सूखे की स्थिति का आकलन करेंगे। उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने सोमवार को यह जानकारी दी।
परमेश्वर ने बेंगलुरु में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि एक दल तुमकुरु, चित्रदुर्ग और दावणगेरे क्षेत्र में स्थिति का आकलन करेगा, जबकि दूसरा दल उत्तर कर्नाटक के जिलों का दौरा करेगा तथा तीसरा दल मैसूरु क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मंड्या, मैसूरु और चामराजनगर जिलों में जाएगा।
परमेश्वर ने कहा, “केंद्रीय दल सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। राज्य सरकार ने पहले ही केंद्र को एक ज्ञापन सौंप दिया है, जिसके आधार पर ये दल अपना आकलन करेंगे। राज्य सरकार एक और ज्ञापन भी सौंपेगी।”
उन्होंने कहा, “केंद्रीय दल राज्य में सूखा प्रभावित घोषित किए गए सभी तालुक से संबंधित जानकारी जुटा सकते हैं। वे कुछ तालुक का व्यक्तिगत रूप से दौरा करेंगे और उपायुक्तों तथा स्थानीय अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे।”
परमेश्वर ने बताया कि केंद्रीय दल इस बात का भी अध्ययन करेंगे कि राज्य सरकार की रिपोर्ट में दिए गए निष्कर्षों और उनके क्षेत्रीय दौरे के दौरान सामने आई जमीनी हकीकत में कोई अंतर है या नहीं।
यह पूछे जाने पर कि क्या जमीनी सत्यापन केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाएगा, उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय दलों के अपने दिशा-निर्देश हैं और राज्य सरकार ने तालुक को सूखा-प्रभावित घोषित करते समय उन्हीं का पालन किया।
उन्होंने कहा, “निर्धारित मानदंडों के आधार पर ही तालुक को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है। जो तालुक दिशा-निर्देशों के दायरे में नहीं आते थे, उन्हें सूखा प्रभावित घोषित नहीं किया गया। इसलिए राज्य सरकार की रिपोर्ट और केंद्रीय दलों के निष्कर्षों में बड़े अंतर के आसार नहीं हैं।”
भाषा
शुभम पारुल
पारुल