बाघ बहुल क्षेत्र बहुमूल्य प्राकृतिक पूंजी का प्रतिनिधित्व करते हैं: भूपेंद्र यादव

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बाघ बहुल क्षेत्र बहुमूल्य प्राकृतिक पूंजी का प्रतिनिधित्व करते हैं: भूपेंद्र यादव

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  • Publish Date - September 2, 2026 / 03:04 PM IST,
    Updated On - September 2, 2026 / 03:04 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को कहा कि बाघ बहुल क्षेत्र बहुमूल्य प्राकृतिक पूंजी का प्रतिनिधित्व करते हैं जो जल सुरक्षा, कार्बन पृथक्करण, जलवायु विनियमन, जैव विविधता संरक्षण और आजीविका के लिए सहायता जैसी महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्रीय सेवाएं प्रदान करते हैं।

‘प्रोजेक्‍ट टाइगर’ के तहत भारत की बाघ संरक्षण यात्रा के बारे में बात करते हुए यादव ने कहा कि बाघों का अस्तित्व जंगलों, घास के मैदानों, नदियों, वन्यजीव गलियारों और स्थानीय समुदायों की स्थिति से गहराई से जुड़ा हुआ है।

यादव ने ‘बाघ बहुल क्षेत्र: आजीविका और आय सृजन के स्तंभ के रूप में संरक्षण, जैव अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी पर्यटन’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन करने के बाद कहा, ‘‘पारिस्थितिकी संरक्षण की नींव सद्भावपूर्ण संरक्षण और मानव-प्रकृति सह-अस्तित्व पर आधारित होनी चाहिए।’’

यह कार्यशाला ‘इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस’ (आईबीसीए), एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री यादव ने कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जानकारी साझा करना, क्षमता निर्माण और नीति निर्माण की प्रकृति में परिवर्तन लाना होना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान आईबीसीए और एडीबी ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करके अपनी साझेदारी को औपचारिक रूप दिया। यह समझौता ज्ञापन भूदृश्य संरक्षण, सतत विकास, क्षमता निर्माण और प्रकृति-अनुकूल वित्तपोषण पहलों में सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भाषा

देवेंद्र नरेश

नरेश