लखीमपुर खीरी (उप्र), 24 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में वन अधिकारियों द्वारा पकड़ी गई चार वर्षीय बाघिन की मंगलवार शाम को अप्रत्याशित रूप से मौत हो गई। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
जून महीने की शुरुआत में बाघिन के कथित तौर पर हमले में दो लोगों की मौत हो गई थी।
वन अधिकारियों के गहन अभियान के बाद मंगलवार तड़के दुधवा बफर जोन के मझगईं रेंज में बाघिन को सफलतापूर्वक शांत करके पिंजरे में पकड़ लिया गया था। अधिकारियों ने कहा कि रेंज कार्यालय में लाए जाने के बाद बाघिन की चिकित्सीय जांच की गई और उसे फिट और स्वस्थ पाया गया।
दुधवा बफर जोन की उपनिदेशक कीर्ति चौधरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पकड़े जाने के बाद बाघिन पूरे दिन सामान्य दिखाई दी। उन्होंने कहा, ‘बाघिन को मंगलवार सुबह पकड़ा गया था और शाम तक वह बिल्कुल सामान्य थी। हालांकि, देर शाम वह अचानक गिर गई और मर गई।’
चौधरी ने कहा कि मौत का सही कारण तत्काल पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा, ‘हम कारणों के बारे में निश्चित नहीं हैं, इसलिए मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए शव को भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), बरेली भेजा गया है।’
बाघिन की अचानक मौत से दुधवा बाघ अभयारण्य (डीटीआर) के अधिकारियों को झटका लगा है, जिन्होंने इसे पकड़ने के लिए अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया था।
चौदह जून और 15 जून को मझगैन रेंज क्षेत्र में बाघिन के कथित तौर पर अलग-अलग हमलों में दो लोगों की मौत हो गई थी, जिससे निवासियों में भय उत्पन्न हो गया था और वन विभाग को बड़े पैमाने पर खोज और पकड़ने का अभियान शुरू करना पड़ा। अंततः बाघिन रामनगर कलां गांव के पास पायी गई और पशु चिकित्सकों की सहायता से वन विभाग की टीम ने उसे पकड़ लिया।
अधिकारियों ने कहा कि शव की पोस्टमॉर्टम जांच और फोरेंसिक विश्लेषण पूरा होने के बाद और जानकारी सामने आएगी।
भाषा सं जफर मनीषा अमित
अमित