टूलकिट मामला: ब्रिटेन की महिला की भूमिका की जांच करेगी दिल्ली पुलिस

टूलकिट मामला: ब्रिटेन की महिला की भूमिका की जांच करेगी दिल्ली पुलिस

टूलकिट मामला: ब्रिटेन की महिला की भूमिका की जांच करेगी दिल्ली पुलिस
Modified Date: November 29, 2022 / 08:51 pm IST
Published Date: February 17, 2021 6:32 pm IST

नयी दिल्ली, 17 फरवरी(भाषा) दिल्ली पुलिस टूलकिट मामले में वकील निकिता जैकब और इंजीनियर शांतनु मुलुक के साथ मिलकर किसान आंदोलन के समर्थन में ट्विटर पर अभियान चलाने के लिए कथित तौर पर टूलकिट का मसौदा तैयार करने वाली ब्रिटेन की एक महिला की भूमिका की जांच करेगी। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग द्वारा साझा किए गए किसानों के आंदोलन का समर्थन करने वाले ‘टूलकिट गूगल दस्तावेज’ की जांच कर रही दिल्ली पुलिस ने बेंगलुरु की कार्यकर्ता दिशा रवि को गिरफ्तार किया है जबकि मुंबई की वकील जैकब और पुणे के इंजीनियर शांतनु मुलुक को अदालत ने अग्रिम जमानत दे दी है।

पुलिस ने दावा किया कि ‘एक्टिंकशन रेबेलियन’ (एक्सआर) के ब्रिटेन अध्याय की सदस्य इस महिला ने एक और दो फरवरी को जैकब और मुलुक के साथ चार-पांच फरवरी के लिए योजना बनाई और यह मसौदा तैयार किया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा,“ब्रिटेन की महिला ने उनका साथ दिया। उसने एक पैकेज बनाया और हाइपरलिंक के माध्यम से दस्तावेज में जोड़ा। टूलकिट गलती से संपादित करते समय ही अपलोड हो गया था। उसने लिखा था कि पुलिस प्रदर्शनकारियों पर हमला कर रही है.. । कई घायल और कई लापता हो रहे है। साथ ही उसने कई व्यक्तियों को पहले से ही मृत होने की बात लिख दी। यह लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से बनाया गया था।”

अधिकारी ने दावा किया कि उनकी व्हाट्सएप चैट की जांच करते समय एक और नाम थिलाका सामने आया जो एक्सआर की ही सदस्य है। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि थिलाका ने दस्तावेज तैयार करने में भी उनकी मदद की और जैकब और दिशा रवि के संपर्क में थी।

हालांकि, पुलिस ने थिलाका के बारे में कोई जानकारी नहीं दी और कहा कि अभी जांच चल रही है।

भाषा

शुभांशि प्रशांत

प्रशांत


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