टीपीसीसी प्रमुख ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों से ‘मनरेगा बचाओ आंदोलन’ में शामिल होने का आग्रह किया
टीपीसीसी प्रमुख ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों से 'मनरेगा बचाओ आंदोलन' में शामिल होने का आग्रह किया
अगरतला, 13 जनवरी (भाषा) त्रिपुरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के अध्यक्ष आशीष कुमार साहा ने मंगलवार को असंगठित क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों से मनरेगा की बहाली के लिए कांग्रेस के आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के निर्देश के बाद, टीपीसीसी और उसके सहयोगी संगठनों ने पूर्वोत्तर राज्य में 11 जनवरी से ‘मनरेगा बचाओ आंदोलन’ शुरू किया।
उनाकोटी जिले के कैलाशहर में ‘मनरेगा बचाओ आंदोलन’ को संबोधित करते हुए, साहा ने आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लोगों के रोजगार अधिकारों को छीनने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने मनरेगा को बहाल किये जाने की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण’ (वीबी- जी राम जी) अधिनियम के तहत असंगठित क्षेत्र के करोड़ों मजदूर रोजगार के अपने अधिकार खो देंगे।”
उन्होंने किसानों और मजदूरों (जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं) से मोदी सरकार में लाए गए ‘वीबी जी राम जी अधिनियम’ को लागू करने और मनरेगा को समाप्त करने की साजिश के खिलाफ आवाज उठाने का आग्रह किया।
इसी जिले के सैदरपार में हाल ही में हुई सांप्रदायिक हिंसा का जिक्र करते हुए, टीपीसीसी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यह भाजपा और उसके मूल संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा लोगों के बीच सांप्रदायिक नफरत फैलाने के प्रयास का परिणाम था।
उनाकोटी जिले के सैदरपार में 10 जनवरी को स्थानीय शिव मंदिर के लिए चंदे को लेकर हुए सांप्रदायिक संघर्ष में कम से कम 10 लोग घायल हो गए।
उन्होंने कहा, ‘‘त्रिपुरा में सांप्रदायिक सद्भाव का लंबा इतिहास रहा है, लेकिन भाजपा के सत्ता में आने के बाद से इसमें गिरावट आई है। मौजूदा सरकार के तहत लोगों का एक वर्ग सांप्रदायिक नफरत की पीड़ा का सामना कर रहा है।’
साहा ने सैदरपार में सांप्रदायिक हिंसा के कारण पीड़ित हुए परिवारों के लिए मुआवजे की भी मांग की।
इससे पहले, वरिष्ठ नेता बिराजित सिन्हा और जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद बदरुजमान के नेतृत्व में कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने मनरेगा को बहाल करने की मांग को लेकर एक रैली का आयोजन किया था।
भाषा तान्या संतोष
संतोष

Facebook


