Vande Bharat: राज्यसभा की ‘रेस’.. दिग्गी ने फंसाया ‘पेंच’! खुलकर सामने आई सियासी लड़ाई, जानिए आखिर किसे मिल सकता है मौका?

राज्यसभा की 'रेस'.. दिग्गी ने फंसाया 'पेंच'! Congress leader Digvijay Singh Statement on Rajysabha, Read Full News

Vande Bharat: राज्यसभा की ‘रेस’.. दिग्गी ने फंसाया ‘पेंच’! खुलकर सामने आई सियासी लड़ाई, जानिए आखिर किसे मिल सकता है मौका?
Modified Date: January 14, 2026 / 12:12 am IST
Published Date: January 13, 2026 11:44 pm IST

भोपालः Congress leader Digvijay Singh एमपी कांग्रेस में इन दिनों दिग्गजों के बीच चल रही सियासी लड़ाई खुलकर सामने आ रही है। कांग्रेस के दिग्गज नेता एक-दूसरे की खिलाफत करते ही नजर आ रहे हैंताजा मामला पूर्व सीएम और दिग्गज कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयानों और राज्यसभा चुनाव से जुड़ा है। दिग्गी राजा ने जहां पहले कांग्रेस की सरकार बनने पर SC-ST का सीएम बनाने की इच्छा जाहिर की। तो वहीं राज्यसभा की सीट छोड़ने का ऐलान कर सबको चौंका दिया।

दरअसल, एमपी में कांग्रेस की ओर से राज्यसभा जाने के कई दावेदार है। इनमें पूर्व सीएम कमलनाथ , पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल, पूर्व पीसीसी चीफ अरुण यादव और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन सरीखे दिग्गजों के नाम शामिल हैं और इस बीच कांग्रेस के एससी सेल की ओर से दलित नेता को राज्यसभा भेजने की मांग भी शुरु हो गई है। कांग्रेस के अंदर खाने में जहां राज्यसभा को लेकर एक अनार सौ बीमार वाली रार छिड़ी हुई है। तो पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, दिग्विजय सिंह के 2002 वाले दलित एजेंडा को अधकचरा बताकर, बीजेपी को हमला करने का मौका दे दिए। बीजेपी ने कांग्रेस में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि- दिग्गी राजा आदिवासी नेता को राज्यसभा भेजकर अपने पापों का प्रायश्चित करें।

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कुलमिलाकर लंबे समय से सत्ता से दूर कांग्रेस अब अपनों के चलते बीजेपी के निशाने पर है..और कांग्रेसी महारथियों के बयानों साफ जाहिर हो रहा है कि कांग्रेस में ऑल इज वेल तो नहीं है। कभी दिग्गी SC-ST को सीएम बनाने की मांग करते हैं, कभी जीतू आरिफ मसूद को डिप्टी सीएम बनाने का दावा करते हैं तो दिग्गी Vs जीतू और कमलनाथ Vs दिग्गी की लड़ाई भी सामने आती है। ऐसे में सवाल ये है कि- क्या कांग्रेस नेताओं में आपस में ही नहीं बन रही है? सवाल ये भी कि क्या ऐसे में मिशन 2028 कभी पूरा हो पाएगा?

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।