रांची, छह सितंबर (भाषा) झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता एवं मंत्री सुदिव्य कुमार के निधन के साथ झारखंड में एक दुखद संयोग सामने आया है। वह 2023 के बाद राज्य में शिक्षा विभाग से जुड़े तीसरे ऐसे मंत्री थे, जिनका निधन हुआ है।
कुमार का निधन हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में 2019 के बाद किसी पदासीन मंत्री की मृत्यु का चौथा मामला भी है।
शिक्षा विभाग से जुड़े दो अन्य मंत्री-जगरनाथ महतो और रामदास सोरेन का निधन क्रमश: 2023 और 2025 में हुआ था।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री कुमार का रविवार तड़के गिरिडीह के एक निजी अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी सहयोगी 56 वर्षीय कुमार एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकटमोचक के रूप में उभरे थे। रांची में नौकरी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर हाल में छात्रों के आंदोलन के दौरान सरकार की ओर से छात्रों से संवाद स्थापित करने के प्रयासों में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग संभालने वाले रामदास सोरेन का 15 अगस्त 2025 को दिल्ली में निधन हो गया था। उन्हें अपने आवास में गिरने के बाद सिर में गंभीर चोट लगी थी।
सोरेन से पहले इसी विभाग का जिम्मा संभालने वाले जगरनाथ महतो का लंबी बीमारी के बाद 6 अप्रैल 2023 को चेन्नई में निधन हो गया था। कोविड-19 से जुड़ी फेफड़ों की क्षति के कारण उनकी सेहत लंबे समय से खराब थी। उन्होंने 2020 में फेफड़े का प्रतिरोपण भी कराया था।
इससे पहले राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री रहे हाजी हुसैन अंसारी का तीन अक्टूबर 2020 को कोविड-19 के बाद की जटिलताओं के कारण निधन हो गया था।
इन मौतों के बीच कोई ज्ञात संबंध नहीं है, लेकिन यह झारखंड के हालिया राजनीतिक इतिहास में उल्लेखनीय जरूर है।
भाषा अमित नेत्रपाल
नेत्रपाल