नये कानून के खिलाफ याचिकाओं पर फैसला आने तक ट्रांसजेंडर पहचान पत्र वैध रहेंगे : केंद्र
नये कानून के खिलाफ याचिकाओं पर फैसला आने तक ट्रांसजेंडर पहचान पत्र वैध रहेंगे : केंद्र
नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) केंद्र सरकार ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2026 के लागू होने से पहले जारी किए गए ट्रांसजेंडर पहचान पत्र मान्य रहेंगे और नए कानून से उनपर कोई असर नहीं पड़ेगा।
ट्रांसजेंडर पहचान पत्र (टीजीआई) कार्ड किसी व्यक्ति की स्वयं पहचानी गई लैंगिक पहचान को आधिकारिक मान्यता देता है। इसका इस्तेमाल सरकारी रिकॉर्ड में नाम और लिंग में बदलाव के लिए किया जा सकता है। सरकार के ट्रांसजेंडर पोर्टल के अनुसार, यह कार्ड आधिकारिक दस्तावेजों में नाम और लिंग बदलने की सुविधा भी देता है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने 2026 के संशोधन को चुनौती देने वाली कुछ याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ से कहा, ‘‘मैंने इस संबंध में निर्देश ले लिये हैं। पहले जारी किए गए टीजीआई पहचान पत्र याचिकाओं पर आने वाले फैसले के अधीन वैध बने रहेंगे।’’
संशोधन को इस वजह से भी चुनौती दी गई है कि इसमें खुद लैंगिक पहचान करने के अधिकार को समाप्त कर दिया गया है, जिसे ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत मान्यता दी गई थी।
संशोधित कानून की वैधता को चुनौती देने वाली करीब 15 याचिकाएं दायर की गई थीं।
सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार इन याचिकाओं पर अपना जवाब दाखिल करेगी।
पीठ ने केंद्र के शीर्ष कानून अधिकारी की दलीलों को रिकॉर्ड पर लिया और इन याचिकाओं पर तीन सप्ताह बाद अंतिम सुनवाई के लिए मामला सूचीबद्ध किया।
सोमवार को एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता जयना कोठारी ने पीठ से पहले ही रद्द किए जा चुके ट्रांसजेंडर पहचान पत्रों को बहाल करने का निर्देश देने का आग्रह किया।
हालांकि, पीठ ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सामान्य निर्देश जारी नहीं कर सकती और याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे व्यक्तिगत मामलों को अदालत के समक्ष लाने के लिए आवेदन दाखिल करें।
कोठारी ने उन लोगों को भी संरक्षण देने की मांग की, जिन्होंने पहले ही ट्रांसजेंडर पहचान पत्र के लिए आवेदन कर दिया है और उनके जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।
पीठ ने कहा कि वह इस मुद्दे पर विचार करने से पहले केंद्र के जवाबी हलफनामे का इंतजार करेगी।
भाषा आशीष सुरेश
सुरेश

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