हैदराबाद, 23 मार्च (भाषा) ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ताओं ने प्रस्तावित ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक के खिलाफ यहां प्रदर्शन किया और इसे वापस लेने की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने सभी कानूनों में ट्रांसजेंडर को स्पष्ट मान्यता देने और उनकी गरिमा, पहचान एवं मौलिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने ट्रांसजेंडर प्रमाणपत्र जारी करने में मेडिकल बोर्ड की भागीदारी को पूरी तरह समाप्त करने और उन नीतियों को रद्द करने की भी मांग की है जो कथित तौर पर ट्रांसजेंडरों को अपराधी के रूप में चित्रित करती हैं।
लोकसभा में पेश किए गए ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026 के विरोध में रविवार को धरना चौक पर प्रदर्शन किया गया।
आयोजकों द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने ‘‘हमारा शरीर – हमारे अधिकार’’ जैसे नारे लगाए और विधेयक को ‘‘पूरी तरह से अमानवीय’’ बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की।
अधिवक्ता जी किरण राज ने ट्रांसजेंडर प्रमाणपत्र जारी करने में मेडिकल बोर्ड की भूमिका की कड़ी निंदा की।
ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता सूर्यराज यादव ने कहा कि किसी व्यक्ति को अपनी लैंगिक पहचान प्रमाणित कराने के लिए मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश होने के लिए मजबूर करना उसकी गरिमा, निजता और आत्मनिर्णय के अधिकार का उल्लंघन है।
‘क्वीर बंधु पेरेंट्स एसोसिएशन’ के सदस्यों ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
भाषा शोभना नेत्रपाल
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