PM Modi Live on Middle East Tensions || Image- Uday India FILE
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिडिल ईस्ट संकट के मद्देनजर भारत की तैयारियों के बारे में संसद में जानकारी दी। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देशवासियों को आगाह करते हुए कहा कि, ईरान-अमेरिका युद्ध का प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है, इसलिए हमें तैयार रहना होगा। (PM Modi Live on Middle East Tensions) पीएम मोदी ने कहा कि, हमने कोरोना के वक्त ऐसी चुनौती का सामना किया है। अब हमें फिर से उसी तरह तैयार रहने की जरूरत है।
ईरान-अमेरिका युद्ध का प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है, इसलिए हमें तैयार रहना होगा.
हमने कोरोना के वक्त ऐसी चुनौती का सामना किया है. अब हमें फिर से उसी तरह तैयार रहने की जरूरत है.
– मोदी ने संसद में कहा
साफ है- आने वाले दिन में हालात और बुरे होंगे. pic.twitter.com/NbeoPGEzV9
— Ranvijay Singh (@ranvijaylive) March 23, 2026
उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में 41 देशों से ऊर्जा का आयात करता है और संकट के समय के लिए 53 लाख मीट्रिक टन स्ट्रैटेजिक ईंधन का भंडारण किया गया है। पिछले 11 वर्षों में देश की रिफाइनिंग कैपेसिटी में भी वृद्धि हुई है। (PM Modi Live on Middle East Tensions) होर्मुज स्ट्रेट में फंसे कई जहाज हाल ही में भारत पहुंचे हैं, और एथेनॉल के उत्पादन और ब्रांडिंग पर भी काम किया जा रहा है, जो इस समय देश के लिए मददगार साबित हो रहा है।
पीएम मोदी ने परिवहन क्षेत्र में भी हुई तैयारियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि रेलवे के विद्युतीकरण का फायदा अब देश को मिल रहा है और मेट्रो नेटवर्क 2014 में 250 किलोमीटर से कम था, जो अब 1100 किलोमीटर से अधिक हो गया है। इसके अलावा, 15 हजार इलेक्ट्रिक बसें चलाने की व्यवस्था भी की गई है।
प्रधानमंत्री ने आर्थिक और रणनीतिक तैयारियों पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि विश्वभर की अर्थव्यवस्था इस युद्ध से प्रभावित हो रही है, लेकिन भारत पर असर कम हो इसके लिए सरकार हर कदम उठा रही है। (PM Modi Live on Middle East Tensions) विभिन्न सेक्टरों के स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम किया जा रहा है और इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप ने आयात-निर्यात और आपूर्ति में आने वाली दिक्कतों को हल करने की जिम्मेदारी संभाली है।
कृषि और ऊर्जा सुरक्षा पर भी सरकार ने ध्यान केंद्रित किया है। पीएम मोदी ने बताया कि खाद्य और उर्वरक की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कोविड के समय ग्लोबल सप्लाई चेन डिस्टर्बेंस के बावजूद यूरिया की कीमत भारत में 300 रुपए से कम रखी गई। पिछले एक दशक में छह यूरिया प्लांट स्थापित किए गए हैं, डीएपी और NPK का उत्पादन बढ़ाया गया है, और किसानों को मेड इन इंडिया नैनो यूरिया का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने पर पावर प्लांट्स में कोयले के पर्याप्त स्टॉक्स भी रखे गए हैं।
Speaking in the Lok Sabha. https://t.co/BIrR385m4O
— Narendra Modi (@narendramodi) March 23, 2026
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