नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने सोमवार को आरोप लगाया कि सरकार मध्य वर्ग की उपेक्षा कर रही है और कॉरपोरेट जगत को कर में राहत दे रही है, जबकि उसे पता होना चाहिए कि कॉरपोरेट समूहों से देश विकसित नहीं बन सकता।
उन्होंने लोकसभा में वित्त विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चाहते हैं कि देश के बाहर नहीं, बल्कि देश के अंदर शादियां हों, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण विदेश में शादी के लिए कर में राहत देना चाहती हैं।
उन्होंने कहा कि वित्तीय स्थिरीकरण पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
रॉय ने कहा कि इस साल एक फरवरी को जब वित्त मंत्री ने जब अपना नौंवां बजट पेश किया था तो उस दिन शेयर बाजार में भारी गिरावट आई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई और बाजार में मांग की कमी जैसे पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
तृणमूल नेता ने कहा कि मध्य वर्ग की उपेक्षा की गई और उसे कोई बड़ी राहत नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट समूहों को बड़ी राहत दी जा रही है, लेकिन सरकार को समझना चाहिए कि निजी कंपनियां देश को विकसित नहीं बनाने वाली हैं।
रॉय ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने बजट और बकाये राशि के संदर्भ में पश्चिम बंगाल की लगातार अनदेखी की है तथा राज्य में अगले महीने होने जा रहे विधानसभा चुनाव में जनता उसे सबक सिखाएगी।
शिवसेना (उबाठा) के सांसद अनिल देसाई ने कहा कि महाराष्ट्र में सिर्फ निवेश की बड़ी-बड़ी बातें होती हैं, लेकिन वास्तविकता के धरातल पर कुछ नहीं उतरता।
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