मस्जिद के खिलाफ दायर वाद की वैधता पर फैसला निचली अदालत ले सकती है: कर्नाटक उच्च न्यायालय

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मस्जिद के खिलाफ दायर वाद की वैधता पर फैसला निचली अदालत ले सकती है: कर्नाटक उच्च न्यायालय

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  • Publish Date - July 16, 2022 / 07:15 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:03 PM IST

बेंगलुरु, 16 जुलाई (भाषा) कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मंगलुरु में स्थित एक मस्जिद का सर्वेक्षण कराने के लिए आयुक्त नियुक्त करने का अनुरोध करने वाली एक याचिका खारिज कर दी है।

याचिका के जरिए, यह नियुक्ति इसी तरह का अनुरोध करने वाले एक वाद की स्थानीय अदालत द्वारा सुनवाई करने से पहले करने का उच्च न्यायालय से आग्रह किया गया था।

मंगलुरु के रहने वाले टी.ए. धनंजय और बी.ए. मनोज कुमार ने मूल वाद दायर किया था, जिसमें दावा किया गया है कि मंगलुरु के निकट ठेंका उलिपडी गांव के मलाली में स्थित अससैयद अब्दुल्लाही मदनी मस्जिद के मरम्मत कार्य के दौरान एक मंदिर के कुछ हिस्से मिले थे।

मंगलुरु के तृतीय अतिरिक्त दिवानी न्यायालय के समक्ष दायर मूल याचिका में उन्होंने इस दावे के सत्यापन के लिए मस्जिद का सर्वेक्षण कराने का अनुरोध किया है।

दोनों व्यक्तियों ने उच्च न्यायालय का रुख कर निचली अदालत को यह निर्देश देने का अनुरोध किया कि वह वाद पर सुनवाई न करे बल्कि पहले सर्वेक्षण के लिए आयुक्त नियुक्त किया जाए।

याचिकाकर्ताओं को डर है कि यदि निचली अदालत में वाद खारिज हो जाता है, तो मस्जिद के पदाधिकारी हिंदू ढांचे को हटा सकते हैं।

न्यायमूर्ति सचिन शंकर मगदुम की पीठ ने शुक्रवार को याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही निचली अदालत के लिए यह तय करने का रास्ता साफ हो गया कि वाद की सुनवाई की जाए या नहीं।

भाषा जोहेब सुभाष

सुभाष