बिहार: नीट-यूजी पुनर्परीक्षा अनियमितता मामले में 30 आरोपी गिरफ्तार

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बिहार: नीट-यूजी पुनर्परीक्षा अनियमितता मामले में 30 आरोपी गिरफ्तार

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  • Publish Date - June 22, 2026 / 08:54 PM IST,
    Updated On - June 22, 2026 / 08:54 PM IST

पटना, 22 जून (भाषा) चिकित्सा के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए रविवार को दोबारा आयोजित की गई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा(नीट-यूजी) में कथित अनियमितताओं के मामले में बिहार से कम से कम 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि बायोमेट्रिक सत्यापन के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में परीक्षा केंद्रों पर कार्यरत 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों में अधिकांश अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने की कोशिश करने वाले हैं।

बिहार में रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच बड़ी संख्या में अभ्यर्थी नीट की पुनर्परीक्षा में शामिल हुए थे। तीन मई को आयोजित नीट प्रश्नपत्र लीक होने के व्यापक आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दी गई थी।

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) सुधांशु कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली से जुड़े कुल 18 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन पर अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने वाले दूसरे व्यक्तियों और प्रश्नपत्र हल करने वाले गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर सत्यापन प्रक्रिया से छेड़छाड़ करने का आरोप है।’’

लखीसराय जिले की पुलिस ने एक बयान में बताया कि दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने की कोशिश करने के नौ आरोपियों, एक अभ्यर्थी तथा दो अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है।

बयान के मुताबिक वास्तविक अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार लोगों में न्यू जलपाईगुड़ी चिकित्सा महाविद्यालय (पश्चिम बंगाल), अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायबरेली (उत्तर प्रदेश) तथा अनुग्रह नारायण सिंह मगध चिकित्सा महाविद्यालय (बिहार) के एक-एक चतुर्थ वर्ष के एमबीबीएस छात्र शामिल हैं। इनके अलावा सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय, सतना (मध्य प्रदेश) का प्रथम वर्ष का छात्र, चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय, दिल्ली का एक एमबीबीएस इंटर्न, नालंदा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (एनएमसीएच )पटना का चतुर्थ वर्ष का बी.फार्मा छात्र तथा एनएमसीएच का एक अन्य छात्र भी शामिल है।

दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने की कोशिश के आरोप में दो महिलाओं को भी गिरफ्तार किया गया है। इनमें काशी हिंदू विश्वविद्यालय(बीएचयू) की बीएससी नर्सिंग की छात्रा तथा ओडिशा के सरकारी आयुर्वेदिक महाविद्यालय की बीएएमएस छात्रा शामिल हैं।

नालंदा जिले के संजीत कुमार नामक एक अभ्यर्थी को भी अनियमितताओं में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़े गिरफ्तार कर्मियों में तीन पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) तथा पीएमसीएच पटना का एक चतुर्थ वर्ष का एमबीबीएस छात्र भी शामिल है।

अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि इस मामले में लखीसराय जिले के किऊल और कवैया थानों में दो प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।

भाषा कैलाश

धीरज

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