नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) राज्यसभा में सोमवार को दिवंगत पूर्व सदस्यों मुकुल रॉय, डॉ. जनार्दन वाघमारे और एच. के. दुआ को श्रद्धांजलि दी गई जिनका हाल में निधन हो गया था।
उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने पूर्व सदस्य मुकुल रॉय का जिक्र करते हुए बताया कि रॉय का 23 फरवरी, 2026 को 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। राय ने 2006 से 2012 और 2012 से 2017 तक उच्च सदन में पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व किया था।
राधाकृष्णन ने बताया कि 17 अप्रैल, 1954 को पश्चिम बंगाल में उत्तर 24 परगना के कांचीपारा में जन्मे रॉय ने कम उम्र में ही सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया और राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तित्व के रूप में उभरे।
वह वर्ष 2012 में रेल मंत्री रहे। उन्होंने संसद की परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी समिति के अध्यक्ष के रूप में भी सेवाएं दीं।
पूर्व सदस्य डॉ. जनार्दन वाघमारे का दो मार्च, 2026 को 91 वर्ष की आयु में निधन हुआ। सभापति ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2008 से अप्रैल 2014 तक उच्च सदन में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया था।
उनके अनुसार, 11 नवंबर, 1934 को महाराष्ट्र के लातूर जिले के कवठा गांव में जन्मे डॉ. वाघमारे प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, समाज सुधारक सांसद थे। दलित और वंचित समुदायों के उत्थान के लिए समर्पित वाघमारे ने भूकंप प्रभावित लातूर क्षेत्र में ‘राष्ट्रीय सेवा ग्राम’ स्थापित किया।
प्रतिष्ठित पत्रकार और राजनीतिक टिप्पणीकार एच. के. दुआ 18 नवंबर, 2009 से 17 नवंबर, 2015 तक राज्यसभा में नामित सदस्य थे। उनका चार मार्च, 2026 को 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
दुआ दो प्रधानमंत्रियों, एच. डी. देवगौड़ा और अटल बिहारी वाजपेयी के प्रेस सलाहकार रहे और उन्होंने 2001 से 2003 तक डेनमार्क में भारत के राजदूत के रूप में कार्य किया। उन्हें पद्म भूषण सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
सभापति ने कहा कि इन पूर्व सदस्यों के निधन से देश ने तीनों अनुभवी सांसदों, शिक्षाविदों, पत्रकारों और समाजसेवियों को खो दिया है।
सदन में मौजूद सदस्यों ने दिवंगत पूर्व सदस्यों के सम्मान में कुछ पलों का मौन रखा।
भाषा मनीषा वैभव
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