कोलकाता, पांच मई (भाषा) पश्चिम बंगाल में सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के कई कार्यालयों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, जबकि भाजपा कार्यकर्ता राज्य में अपनी शानदार जीत का जश्न मनाते दिखे।
पुलिस ने बताया कि कोलकाता के टॉलीगंज और कस्बा के अलावा बारुईपुर, कमरहटी, बारानगर उपनगरों में तथा बहरामपुर एवं हावड़ा जिलों में सोमवार दोपहर से ही तृणमूल कांग्रेस के कार्यालयों में भीड़ ने तोड़फोड़ की।
निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि तोड़फोड़ और हमले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आगे की कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस से रिपोर्ट मांगी गई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता राहुल सिन्हा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी का कोई कार्यकर्ता तोड़फोड़ में शामिल था। उन्होंने कहा कि यह तृणमूल कांग्रेस के भीतर के प्रतिद्वंद्वी गुटों का काम हो सकता है जो चुनाव परिणामों के बाद पार्टी नेताओं के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे।
टॉलीगंज के बिजयगढ़-नेताजी नगर इलाके में तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास के चुनाव कार्यालय में भीड़ ने तोड़फोड़ की। भीड़ में से कुछ लोगों को टूटे हुए होर्डिंग को लात मारते हुए देखा गया।
रूबी क्रॉसिंग पर तृणमूल कांग्रेस पार्षद सुशांत घोष के कार्यालय में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के झंडे लिए भीड़ ने जमकर उत्पात मचाया।
इन घटनाओं की निंदा करते हुए तृणमूल कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘भाजपा ने सत्ता में आते ही अपना असली रंग दिखा दिया है।’’
तृणमूल ने कहा, ‘‘उनके गुंडों ने मुर्शिदाबाद में हमारे पार्टी कार्यालय पर हिंसक हमला किया। तोड़फोड़ और अराजकता – यही भाजपा का असली चेहरा है। यह भाजपा के घटिया राजनीति में उतरने का संकेत है।’’
हावड़ा के उदयनारायणपुर में अपने उम्मीदवार पर हमले का आरोप लगाते हुए पार्टी ने कहा, ‘‘हमारे उम्मीदवार समीर पांजा पर हुआ क्रूरतापूर्ण हमला उनकी (भाजपा की) हिंसक मानसिकता का प्रमाण है। यह लोकतंत्र नहीं है; यह सरासर गुंडागर्दी है।’’
उत्तरी कोलकाता के मानिकतला से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार श्रेया पांडे ने सोशल मीडिया पर एक अधेड़ उम्र के पार्टी नेता का वीडियो साझा किया, जिनकी कमीज खून से सनी थी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त व्यक्ति उनका चुनाव प्रतिनिधि था जिसे मतगणना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने पीटा था।
वह भाजपा के तापस रॉय से 15,644 वोट के अंतर से हार गईं।
तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें कथित तौर पर सिलीगुड़ी स्थित उसके पार्टी कार्यालय में आगजनी के दृश्य दिख रहे हैं। ‘पीटीआई-भाषा’ इन वीडियो फुटेज की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकी।
पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र में जहां आरजी कर अस्पताल के बलात्कार-हत्या कांड की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने तृणमूल कांग्रेस के तीर्थंकर घोष को 28,836 वोट से हराया।
तृणमूल कांग्रेस के नोआपाड़ा से उम्मीदवार त्रिनांकुर भट्टाचार्य और बैरकपुर के राज चक्रवर्ती के साथ मतगणना केंद्रों से निकलते समय कथित तौर पर मारपीट की गई और उन्हें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कर्मियों द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया।
भाजपा के राहुल सिन्हा ने हिंसा की निंदा की, लेकिन कहा कि यह ‘‘2021 जैसा नहीं है, जब मतगणना के तुरंत बाद तृणमूल ने हमारे पदाधिकारियों पर हमला किया था और कई पार्टी कार्यालयों में आग लगा दी थी तथा राज्य पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस बार पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की।’’
भाषा सुरभि वैभव
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