उप्र विधानसभा के अगले चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करें : अखिलेश

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उप्र विधानसभा के अगले चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करें : अखिलेश

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  • Publish Date - May 5, 2026 / 12:57 PM IST,
    Updated On - May 5, 2026 / 12:57 PM IST

लखनऊ, पांच मई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार से वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए महिलाओं का आरक्षण तुरंत लागू करने की मांग की।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर की गई एक पोस्ट में भाजपा को चुनौती दी कि या तो वह उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए महिला आरक्षण लागू करें या फिर खुले तौर पर स्वीकार करे कि वह महिलाओं के हितों के खिलाफ है।

उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) की मांग है कि जो ‘महिला आरक्षण’ समस्त विपक्ष ने मिलकर संसद में सहर्ष पास किया है उसे 2027 के उप्र विधानसभा चुनाव में लागू करने की घोषणा भाजपा सरकार तत्काल करे या कह दे कि पुरुषवादी भाजपाई और उनके सामंती संगी-साथी महिलाओं को आरक्षण के खिलाफ हैं।’

यादव ने कहा, ‘जब तक यह घोषणा नहीं होगी तब तक हम यह बात हर हफ़्ते जगह-जगह उठाते रहेंगे।’

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें वह समाजवादी पार्टी पर संसद में महिला आरक्षण को रोकने का इल्जाम लगा रहे हैं।

यादव की यह मांग उनकी पार्टी की व्यापक ‘पीडीए’ रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वोट बैंकों को मजबूत करने का मंसूबा है।

साल 2011 की जनगणना पर आधारित परिसीमन प्रक्रिया के बाद 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले महिला आरक्षण कानून को ‘लागू करने’ के लिए लोकसभा सीटों को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 816 किया जाना था। इसके अलावा महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को समायोजित करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी सीटें बढ़ाई जानी थीं। इस सिलसिले में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पिछली 17 अप्रैल को संसद में पारित नहीं हो सका था। उसके बाद से भाजपा लगातार विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगा रही है।

भाषा सलीम

मनीषा

मनीषा