तृणमूल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के आरोपों को लेकर पलटवार किया
तृणमूल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के आरोपों को लेकर पलटवार किया
कोलकाता, 17 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गरीब और पिछड़े समुदायों के लिए आवंटित केंद्रीय निधियों की हेराफेरी करने संबंधी आरोपों पर पलटवार करते हुए राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने केंद्र को 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद से राज्य को आवंटित निधि पर एक श्वेतपत्र जारी करने की चुनौती दी है।
प्रधानमंत्री ने शनिवार को उत्तरी बंगाल के मालदा शहर में एक रैली में ममता बनर्जी सरकार को जनता के धन की ‘‘लूट’’ करने और केंद्रीय लाभों को लोगों तक पहुंचने से रोकने के लिए ‘‘क्रूर और निर्दयी’’ करार दिया।
तृणमूल कांग्रेस ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट में सवाल किया, ‘‘राजनीतिक पर्यटक नरेन्द्र मोदी का दावा है कि वह बंगाल के हर गरीब परिवार को स्थायी घर देना चाहते हैं। क्या सच में? तो फिर केंद्र ने बंगाल की आवास योजना के 24,275 करोड़ रुपये जान-बूझकर क्यों रोक रखे हैं?’’
मोदी ने आगामी विधानसभा चुनावों में बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य में ‘‘वास्तविक बदलाव’’ की वकालत करते हुए कहा कि बंगाल की जनता का ‘‘वास्तविक कल्याण’’ तभी होगा जब ‘‘बाधा डालने वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार’’ की जगह ‘‘जनहितैषी भाजपा सरकार’’ आयेगी।
मोदी ने मालदा की रैली में कहा, ‘‘इस देश के प्रधान सेवक के रूप में, मैं पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ बंगाल की जनता की सेवा करने का प्रयास कर रहा हूं। मैं चाहता हूं कि इस राज्य के सभी बेघर लोगों के पास अपना स्थायी आवास हो। मैं चाहता हूं कि आप केंद्र द्वारा गरीब और पिछड़े समुदायों के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं, क्योंकि इन पर आपका पूरा अधिकार है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। यहां की तृणमूल कांग्रेस सरकार बेहद क्रूर और निर्दयी है। केंद्र द्वारा गरीबों के लिए भेजी गई धनराशि को यहां के तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता लूट रहे हैं। वे बंगाल के गरीब लोगों के दुश्मन हैं। उन्हें आपकी परेशानियों की कोई परवाह नहीं है, उन्हें सिर्फ अपनी तिजोरियां भरने में दिलचस्पी है।’’
तृणमूल कांग्रेस ने जवाब में पूछा कि केंद्र ने बंगाल के लिए निधि आवंटन पर श्वेतपत्र जारी करने की उसकी चुनौती को अब तक क्यों नजरअंदाज किया है।
पार्टी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘वर्ष 2021 के विधानसभा चुनावों में अपनी अपमानजनक हार के बाद से मोदी सरकार ने बंगाल को निधि आवंटन पर श्वेतपत्र जारी करने की हमारी खुली चुनौती को क्यों अस्वीकार कर दिया है?’’
पार्टी ने दावा किया कि राज्य में केंद्र द्वारा ‘‘ग्रामीण आवास के लिए धन रोके जाने’’ के मद्देनजर, ममता बनर्जी सरकार ने योजना को जारी रखने के लिए अपने खजाने से 30,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए।
पार्टी ने मोदी से पूछा, ‘‘ममता को बांग्लार बारी (योजना) के तहत 14,400 करोड़ रुपये की लागत से 12 लाख परिवारों को मकान देने के लिए हस्तक्षेप क्यों करना पड़ा? बंगाल के अपने खजाने को बांग्लार बारी के दूसरे चरण के तहत 16 लाख और परिवारों को आवास देने के लिए 19,700 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ क्यों उठाना पड़ा?’’
भाषा
देवेंद्र सुरेश
सुरेश

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