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कोलकाता, नौ जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के नेता सब्यसाची दत्ता को जबरन वसूली और आपराधिक धमकी के आरोप में मंगलवार तड़के पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया गया और आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, बिधाननगर नगर निगम (बीएमसी) के पूर्व महापौर सब्यसाची को एक व्यापारी की शिकायत के आधार पर रायगाची स्थित उनके आवास से पकड़ा गया।
अधिकारी ने बताया कि शिकायत में कहा गया है कि दत्ता ने 2018 में व्यापारी से एक करोड़ से ज्यादा रुपये मांगे थे।
हालांकि दत्ता ने खुद पर लगे आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि यदि यह साबित हो जाए कि उन्होंने एक रुपया भी लिया है तो वह “फांसी पर लटकने के लिए तैयार हैं”।
दत्ता को अदालत लाते और वहां से ले जाते समय लोगों ने उन्हें “चोर” कहकर पुकारा तथा उनपर गोबर, टमाटर एवं अंडे फेंके।
बिधाननगर उपमंडलीय अदालत ने दत्ता को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
दत्ता ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में बारासात सीट से तृणमूल के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वह 2019 में भाजपा में शामिल हुए थे और कुछ साल बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी तृणमूल में लौट आए थे।
इससे पहले बिधाननगर के पूर्व विधायक एवं पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार में मंत्री रहे सुजित बोस को भी हाल ही में एक नगर निकाय नौकरी घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया था।
दत्ता की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के मंत्री और बिधाननगर के विधायक शरद्वत मुखर्जी ने कहा, ‘‘भ्रष्टाचारी और अहंकारी एक-एक करके गिरफ्तार किए जा रहे हैं।’’
उन्होंने बिधाननगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि तृणमूल के शासनकाल में “जबरन वसूली करने वालों” की धरपकड़ तेज हो गई है।
भाषा जोहेब सुरेश
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