कोलकाता, एक जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों तथा रेहड़ी-पटरी वालों को हटाने संबंधी रेलवे के अभियान के खिलाफ प्रस्तावित धरने को पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद उनकी पार्टी इस पर आगे बढ़ेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोग और छोटे व्यापारी भय में जी रहे हैं, जबकि रेहड़ी-पटरी वालों को उचित पुनर्वास योजना के बिना हटाया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लोग भयभीत क्यों हैं? लोग चिंतित क्यों हैं? पूरा माहौल बदल गया है। कोलकाता और बंगाल को अशिक्षित लोगों को सौंप दिया गया है।’’
बनर्जी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के बाद से तृणमूल के 12 कार्यकर्ता मारे गए हैं और हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य को अपने घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन में व्यवधान डाला जा रहा है।’’
उन्होंने इस बात की ओर इशारा किया कि पुलिस ने रेहड़ी-पटरी वालों को हटाने और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले तथा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों के खिलाफ रानी रासमणि रोड पर उनकी पार्टी को धरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
बनर्जी ने कहा कि आधिकारिक अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन होगा। बनर्जी ने कहा, ‘‘अगर हमें वहां धरना देने की इजाजत नहीं दी गई तो जहां भी रोका जाएगा, मैं वहीं धरना दूंगी। मैं गिरफ्तार होने के लिए तैयार हूं।’’
शनिवार को, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके सोनारपुर में दुर्व्यवहार किया गया, जहां गुस्साई भीड़ ने उन पर अंडे और पत्थर फेंके। वह चुनाव बाद की कथित हिंसा में मारे गए एक तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मिलने वहां गए थे।
एक दिन बाद पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी के साथ भी हुगली जिले के चांदीपुर इलाके में कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने धक्का-मुक्की की। इस दौरान लोकसभा सदस्य ने कहा कि उनके सिर में चोट आई है।
भाषा सुभाष संतोष
संतोष