नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के मुख्य सचेतक नदीमुल हक ने उच्च सदन के सभापति सी पी राधाकृष्णन को एक पत्र लिखकर मांग की कि भाजपा सदस्य बाबूराम निषाद के ‘‘तथ्यात्मक रूप से गलत’’ बयान को रिकॉर्ड से हटा दिया जाए, जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया था।
सभापति को लिखे पत्र में हक ने 11 मार्च को शून्यकाल के दौरान निषाद द्वारा उठाए गए मुद्दे का जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने ‘‘पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन पर चिंता’’ जतायी थी।
राज्यसभा के नियमों का हवाला देते हुए हक ने कहा कि सदस्यों को उच्च पदस्थ लोगों के आचरण पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है, जब तक कि चर्चा उचित शब्दों में तैयार किसी ठोस प्रस्ताव पर आधारित न हो।
तृणमूल सांसद ने सभापति से राज्यसभा नियमों के तहत इन बयानों को हटाने के निर्देश जारी करने का अनुरोध किया।
उच्च सदन में बुधवार को शून्यकाल के दौरान, बाबूराम निषाद ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम में कथित चूक के लिए राज्य सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा था कि ‘प्रोटोकॉल’ का उल्लंघन केवल गलती नहीं बल्कि संवैधानिक अपराध है।
भाषा अविनाश सुभाष
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