तृणमूल नेता ने संसदीय समिति अध्यक्ष को पत्र लिखा, बाड़ रहित सीमाओं का मुद्दा उठाया

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तृणमूल नेता ने संसदीय समिति अध्यक्ष को पत्र लिखा, बाड़ रहित सीमाओं का मुद्दा उठाया

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  • Publish Date - March 18, 2026 / 11:01 AM IST,
    Updated On - March 18, 2026 / 11:01 AM IST

नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के एक नेता ने गृह मामलों संबंधी संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष राधा मोहन दास अग्रवाल को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल में ‘‘प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के बड़े हिस्सों पर बाड़ नहीं होने’’ का मुद्दा उठाया है और राज्य में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के विस्तारित अधिकार क्षेत्र को लेकर चिंता जताई है। एक सूत्र ने यह जानकारी दी।

सूत्र ने बताया कि अग्रवाल को दो पत्र लिखे गए हैं, जिनमें खासकर महिलाओं की सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, पुलिस आधुनिकीकरण और आपदा राहत के लंबित बकाये से जुड़े मुद्दों समेत गृह मंत्रालय के तहत संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी चिंता जताई गई है।

इसमें कहा गया है कि भारत-बांग्लादेश सीमा के 371.58 किलोमीटर हिस्से पर अब भी बाड़ नहीं है, जबकि भारत-म्यांमा सीमा पर स्वीकृत 1,643 किलोमीटर में से केवल 44 किलोमीटर हिस्से में बाड़ लगाई गई है।

इसमें 2021 की उस अधिसूचना को लेकर भी चिंता जताई गई है जिसके तहत सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का अधिकार क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के भीतर 50 किलोमीटर तक बढ़ा दिया गया, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों का बड़ा हिस्सा केंद्रीय बल के दायरे में आ गया।

पत्र में ‘नगा पीपुल्स मूवमेंट ऑफ ह्यूमन राइट्स’ बनाम भारत संघ (1997) मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले का भी हवाला दिया गया है जिसमें कहा गया है कि केंद्रीय बलों को नागरिक प्रशासन के सहयोग से काम करना चाहिए, न कि उसका स्थान लेना चाहिए।

सूत्र ने बताया कि गृह मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं, खासकर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं में निधि को पूरा खर्च नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है। पत्रों में निर्भया कोष के खर्च नहीं होने को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है।

एक पत्र में कहा गया है, ‘‘इन महत्वपूर्ण योजनाओं में धन का कम उपयोग महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने और फॉरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए किए जाने वाले उपायों की प्रभावशीलता को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।’’

तृणमूल नेता ने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार पर विभिन्न आपदा प्रबंधन मदों के तहत पश्चिम बंगाल का 53,696 करोड़ रुपये बकाया है।

पत्र में कहा गया है, ‘‘क्षेत्र में बार-बार आपदाएं आने और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुनर्वास, बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और आपदा से निपटने की तैयारी में मदद के लिए इन निधियों का समय पर वितरण आवश्यक है।’’

भाषा सिम्मी शोभना

शोभना

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