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सिलीगुड़ी, 12 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को आरोप लगाया कि ‘‘टुकड़े-टुकड़े’’ गिरोह ने पूर्वोत्तर को देश के शेष भाग से अलग करने के लिए रणनीतिक सिलीगुड़ी कॉरिडोर को काटने की धमकी दी थी, और तृणमूल कांग्रेस ने अपनी ‘‘तुष्टिकरण की राजनीति’’ के कारण सड़कों से लेकर संसद तक उन्हें समर्थन दिया।
पश्चिम बंगाल के उत्तरी शहर सिलीगुड़ी के कावाखाली मैदान में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने तृणमूल कांग्रेस को ‘‘आदिवासी विरोधी, महिला विरोधी और युवा विरोधी पार्टी’ बताया।
मोदी ने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की राजनीति ने राज्य को बदहाल कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘देश में ‘टुकड़े-टुकड़े’ गिरोह सक्रिय है, जिसने सिलीगुड़ी कॉरिडोर को काटने की धमकी दी। वे पूर्वोत्तर को देश से अलग करना चाहते हैं। तुष्टिकरण की राजनीति में लिप्त तृणमूल कांग्रेस, सड़कों से लेकर संसद तक ऐसे लोगों का समर्थन करती है। यही तृणमूल का असली चेहरा है।’’
सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे ‘चिकन नेक’ कहा जाता है, पश्चिम बंगाल के उत्तरी क्षेत्र में स्थित लगभग 20-22 किलोमीटर चौड़ा एक बेहद संकरा भू-भाग है। यह देश के मुख्य भूभाग और आठ पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाला एकमात्र भूमि मार्ग है।
इसे “देश का रक्षा और समृद्धि का गलियारा” बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार इस क्षेत्र को बड़े पैमाने पर मजबूत और विकसित करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है। उन्होंने सिक्किम को सिलीगुड़ी से जोड़ने वाली निर्माणाधीन सेवोक–रंगपो रेल लाइन का उदाहरण देते हुए इस विकास कार्य का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह परियोजना न केवल बंगाल और सिक्किम के बीच रेल संपर्क सुनिश्चित करेगी, बल्कि यह क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को भी मजबूत करेगी, जिसका सीधा लाभ दार्जिलिंग के युवाओं को मिलेगा।’’
मोदी ने लोगों से ‘डबल इंजन’ सरकार के लिए वोट देने का आग्रह करते हुए कहा कि बंगाल में विकास की गति दोगुनी हो जाएगी।
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि तृणमूल सरकार ने मदरसों के विकास के लिए 6,000 करोड़ रुपये आवंटित किए, लेकिन पूरे उत्तर बंगाल के लिए अपर्याप्त धनराशि आवंटित की गई।
मोदी ने कहा, ‘‘बंगाल की जनता अब तृणमूल से पिछले 15 वर्षों में सत्ता में बिताए हर पल का जवाब मांग रही है।’’ उन्होंने कहा कि जब भाजपा सत्ता में आएगी, तो वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी को ‘‘उसके कुकर्मों का हिसाब चुकाने’’ के लिए मजबूर करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल ने अपने 15 साल के कार्यकाल में राज्य को बर्बाद कर दिया और केंद्र सरकार की योजनाओं का कार्यान्वयन रोक दिया, जिसके परिणामस्वरूप 25 प्रतिशत से भी कम काम पूरा हुआ है।
ममता बनर्जी सरकार को निर्मम बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य की जनता तृणमूल के ‘भय के शासन’ से तंग आ चुकी है। उन्होंने तृणमूल सरकार पर उत्तर बंगाल के चाय बागानों पर कहर बरपाने का आरोप लगाया।
तृणमूल को ‘‘उत्तर बंगाल विरोधी और चाय बागान विरोधी पार्टी’’ बताते हुए, मोदी ने आरोप लगाया कि पार्टी की ‘तुष्टिकरण नीतियों’ के कारण हो रहे अनियंत्रित अवैध प्रवेश से इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जनसांख्यिकीय परिवर्तन हो रहे हैं।
उन्होंने भाजपा के चुनाव चिह्न का जिक्र करते हुए कहा, “अगर घुसपैठ के खतरे को तुरंत नहीं रोका गया, तो बहुत देर हो जाएगी। ‘कमल खिलाओ, घुसपैठियों को भगाओ।’’
मोदी ने उत्तर बंगाल के लिए केंद्र सरकार की बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी विकास पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार इन परियोजनाओं में बाधाएं खड़ी कर रही है। उन्होंने कहा, “पोरबंदर–सिलचर ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा, जो बंगाल से होकर गुजरता है, अभी तक पूरा नहीं हो सका है।”
मोदी ने उत्तर बंगाल के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विशेष विकास पैकेज के वादों को भी रेखांकित किया। इस पैकेज में आधुनिक इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज, एक कैंसर उपचार अस्पताल तथा एक फैशन डिजाइन संस्थान स्थापित करने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि बंगाल ने पहले ही कांग्रेस, वाम दलों और तृणमूल कांग्रेस को राज्य में शासन करने का मौका दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी को एक मौका दीजिए ताकि बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके, बंगाल को घुसपैठियों से बचाया जा सके और युवाओं को राज्य के भीतर ही रोजगार मिल सके।’’
मोदी ने कहा कि बंगाल की जनता में दिख रहे जोश ने उन्हें आश्वस्त कर दिया है कि आगामी चुनावों में तृणमूल की हार निश्चित है।
प्रधानमंत्री जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों में भाजपा उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे थे, जहां 23 अप्रैल को पहले चरण में मतदान होगा। दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा और मतगणना चार मई को होगी।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप