नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को तीसरा पत्र लिखकर उनसे मिलने का समय मांगा है ताकि उन्हें ‘पश्चिम बंगाल सरकार की कल्याणकारी पहलों के बारे में जानकारी दी जा सके’। इससे पहले भी बैठक के लिए किए गए उसके अनुरोधों को ठुकरा दिया गया था। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी।
ये घटनाक्रम राष्ट्रपति की इस महीने की शुरुआत में पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान हुए विवाद की पृष्ठभूमि में सामने आए हैं, जहां उन्होंने राज्य प्रशासन द्वारा आदिवासी सम्मेलन और प्रोटोकॉल संबंधी मुद्दों को लेकर असंतोष व्यक्त किया था।
तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार, पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने सोमवार को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा। सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी ने मुर्मू को यह तीसरा पत्र भेजा है, इससे पहले उनके (राष्ट्रपति) अधिकारी ने ‘समय की कमी’ का हवाला देते हुए उनके पहले के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था।
घटनाक्रम से परिचित एक सूत्र के अनुसार, तृणमूल के एक वरिष्ठ नेता ने नौ मार्च को राष्ट्रपति मुर्मू को पत्र लिखकर सांसदों और राज्य के मंत्रियों सहित 12 से 15 सदस्यीय पार्टी प्रतिनिधिमंडल के लिए समय मांगा था।
पत्र में कहा गया है कि प्रतिनिधिमंडल मुर्मू के साथ पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा ‘समाज के सभी वर्गों के समावेशी विकास’ के लिए की गई कल्याणकारी पहलों को साझा करना चाहता है।
हालांकि, इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति भवन ने तृणमूल को एक पत्र भेजकर सूचित किया कि उसके अनुरोध पर विचार किया गया था, लेकिन ‘समय की कमी’ के कारण इसे स्वीकार नहीं किया जा सका।
तृणमूल नेता ने 11 मार्च को राष्ट्रपति को फिर से पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला।
सूत्रों के अनुसार, सोमवार को राष्ट्रपति भवन को मिलने के समय का अनुरोध करते हुए तीसरा पत्र भेजा गया।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश