त्रिपुरा डीजीपी मौत: शीर्ष पुलिस अधिकारी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच होगी

त्रिपुरा डीजीपी मौत: शीर्ष पुलिस अधिकारी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच होगी

त्रिपुरा डीजीपी मौत: शीर्ष पुलिस अधिकारी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच होगी
Modified Date: July 22, 2026 / 01:46 pm IST
Published Date: July 22, 2026 1:46 pm IST

अगरतला, 22 जुलाई (भाषा) त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ की मौत की जांच के तहत पुलिस उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराएगी। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

वर्ष 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी धनखड़ सोमवार को अगरतला में राज्य पुलिस मुख्यालय स्थित अपने आधिकारिक कक्ष के शौचालय में फंदे से लटके पाए गए थे।

जांच अधिकारी शुभ्रजीत देब ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है और हमने जांच शुरू कर दी है। जांच के तहत डीजीपी के मोबाइल फोन, लैपटॉप और निजी कंप्यूटर समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए पश्चिम त्रिपुरा के नरसिंगढ़ स्थित राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एसएफएसएल) भेजा जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक विश्लेषण में कम से कम डेढ़ महीने का समय लगेगा।

जांच अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि होती है कि डीजीपी ने आत्महत्या की है तो हमें यह पता लगाने पर ध्यान केंद्रित करना होगा कि उन्होंने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया।”

मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजीपी) प्रबीर मजूमदार ने शिकायत में कहा कि उन्होंने सोमवार को डीजीपी से मिलने के लिए काफी देर तक इंतजार किया, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी।

उन्होंने कहा कि डीजीपी ने सोमवार को कर्मचारियों को निर्देश दिया था कि पूर्वाह्न 11 बजे तक किसी भी आगंतुक को उनके कमरे में प्रवेश की अनुमति न दी जाए। जब मजूमदार उस दिन डीजीपी से मिलने पहुंचे तो कर्मचारियों ने उन्हें अंदर जाने नहीं दिया।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जितेंद्र चौधरी ने मंगलवार को डीजीपी की कथित आत्महत्या मामले की न्यायिक जांच की मांग दोहराई।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता ने एक वीडियो में कहा, “यह विश्वास करना मुश्किल है कि जिस शीर्ष पुलिस अधिकारी ने अपने पेशेवर जीवन में कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया, उन्होंने बिना किसी बड़े कारण के आत्महत्या कर ली। मुझे पता था कि डीजीपी मानसिक तनाव में थे। मैं एक बार फिर सरकार से आग्रह करता हूं कि सच्चाई सामने लाने के लिए न्यायिक जांच का आदेश दिया जाए।”

त्रिपुरा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सौमिक देब ने लोगों से अपील की कि वे अदालत का रुख करें ताकि वह इस मामले का स्वतः संज्ञान ले सके।

उन्होंने कहा, “प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि डीजीपी ने आत्महत्या की है। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठता है कि आखिर डीजीपी ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया? सभी पहलुओं की जांच की जानी चाहिए।”

एक अधिकारी ने बताया कि धनखड़ के पार्थिव शरीर को मंगलवार को एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया गया।

उनका अंतिम संस्कार बुधवार को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित उनके पैतृक गांव बड़ौत में किया जाएगा।

भाषा तान्या सुरभि

सुरभि


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