त्रिपुरा के डीजीपी का शव दिल्ली ले जाया गया, उत्तर प्रदेश में पैतृत्व गांव में अंतिम संस्कार होगा
त्रिपुरा के डीजीपी का शव दिल्ली ले जाया गया, उत्तर प्रदेश में पैतृत्व गांव में अंतिम संस्कार होगा
(तस्वीरों के साथ)
अगरतला, 21 जुलाई (भाषा) त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ का शव मंगलवार को एयर एंबुलेंस के जरिये दिल्ली ले जाया गया। धनखड़ का शव सोमवार को अगरतला में पुलिस मुख्यालय स्थित उनके आधिकारिक कक्ष के शौचालय में फंदे से लटका मिला था।
अधिकारियों ने बताया कि धनखड़ का अंतिम संस्कार बुधवार को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले स्थित उनके पैतृक गांव बड़ौत में किया जाएगा।
त्रिपुरा के राज्यपाल एन इंद्रसेना रेड्डी, मुख्यमंत्री माणिक साहा, मुख्य सचिव जेके सिन्हा और वरिष्ठ अधिकारियों ने अगरतला स्थित सिविल सचिवालय में डीजीपी को श्रद्धांजलि दी।
धनखड़ को पुलिस मुख्यालय में सलामी भी दी गई।
मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस मामले में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। उन्होंने कहा, “हम कानून के अनुसार मामले की जांच करेंगे।”
हालांकि, साहा ने त्रिपुरा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में मामले की जांच कराने की विपक्ष की मांग पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
मुख्यमंत्री ने धनखड़ की मौत को न सिर्फ उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे त्रिपुरा के लिए भी एक अपूरणीय क्षति बताया।
उन्होंने कहा, “मेरे पास शब्द नहीं हैं। यह न सिर्फ उनके परिवार के लिए, बल्कि हमारे राज्य के लिए भी अपूरणीय क्षति है… हमारे बीच हमेशा सौहार्दपूर्ण बातचीत होती थी। उनके नेतृत्व में राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में काफी सुधार हुआ था।”
साहा ने कहा, “18 जुलाई को पश्चिम त्रिपुरा के आरके नगर पुलिस प्रशिक्षण संस्थान में कांस्टेबल की पासिंग आउट परेड में शामिल होने के बाद हमने साथ में चाय पी थी। उनकी पत्नी भी हमारे साथ थीं। हमारे बीच बहुत अच्छी बातचीत हुई। मैंने कभी नहीं सोचा था कि धनखड़ के साथ यह मेरी आखिरी मुलाकात होगी।”
डीआईजी रतिरंजन धर ने बताया कि धनखड़ का शव एयर एंबुलेंस के जरिये दिल्ली ले जाया गया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली से उनका शव अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव बड़ौत ले जाया जाएगा।
कार्यवाहक डीजीपी जीएस राव ने बताया कि पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) मंचक इप्पर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय दल धनखड़ के शव को लेकर दिल्ली गया है।
विपक्षी दल कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने लगभग 18 वर्षों तक पूर्वोत्तर राज्य में पुलिस के विभिन्न पदों पर सेवाएं देने वाले धनखड़ की मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1994 बैच के अधिकारी धनखड़ ने नीरव मोदी से जुड़े ‘‘13,000 करोड़ के पीएनबी धोखाधड़ी मामले में सीबीआई जांच और 1984 के सिख-विरोधी दंगों से जुड़े मामले की पुन: जांच का नेतृत्व किया था।’’
धनखड़ को मई 2025 में अतिरिक्त डीजीसी से डीजीपी के पद पर पदोन्नत किया गया था। वह 11 महीने में सेवानिवृत्त होने वाले थे।
भाषा पारुल धीरज
धीरज

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