नयी दिल्ली, 25 फरवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को पिछले महीने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास तोड़फोड़ अभियान के दौरान पथराव की घटना के छह आरोपियों को जमानत दे दी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भूपिंदर सिंह ने मोहम्मद फैज, मोहम्मद अफ्फान, शाजाद, शहजाद, मोहम्मद इमरान और मोहम्मद फहीम को 50,000 रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी।
सुनवाई के दौरान, आरोपियों का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ताओं एम असद बेग, एम के मलिक और अन्य ने यह मुद्दा उठाया कि फुटेज में आरोपी भीड़ के हिस्से के रूप में नहीं, बल्कि अपने-अपने घरों के पास गली के कोनों पर अलग-अलग दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अधिकतर आरोपी घटनास्थल से 50-100 मीटर की दूरी के भीतर रहते हैं। अतिरिक्त लोक अभियोजक (एपीपी) अतुल श्रीवास्तव ने एक आरोपी का वीडियो सबूत पेश किया जिसमें वह लोगों को भीड़ में शामिल होने के लिए बुला रहा था और कहा कि क्लिप ‘भड़काऊ’ है।
हालांकि, बचाव पक्ष के वकील ने वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठाया और पूछा कि क्या वीडियो में आवाज वास्तव में उनके मुवक्किल की है या यह सिर्फ एक और फॉरवर्ड किया गया संदेश है जो प्रसारित हो रहा है।
इससे पहले अदालत ने 17 फरवरी को इस मामले में 12 आरोपियों को जमानत दे दी थी।
यह मामला छह और सात जनवरी की दरमियानी रात को रामलीला मैदान इलाके में मस्जिद के पास अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान हुई हिंसा से संबंधित है। पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाई गईं कि तुर्कमान गेट के सामने वाली मस्जिद को गिराया जा रहा है, जिसके चलते लोग मौके पर एकत्र हो गए।
आरोप है कि करीब 150-200 लोगों ने पुलिस और एमसीडी कर्मियों पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकीं, जिससे इलाके के थानेदार समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।
भाषा संतोष अविनाश
अविनाश