TVK-BJP Alliance Possibility: विधानसभा चुनाव का ऐलान होने से पहले भाजपा ने इस राज्य में खेला बड़ा दांव, इस पार्टी को दिया गठबंधन का न्योता / Image: IBC24 Customized
चेन्नई: TVK-BJP Alliance Possibility निर्वाचन आयोग आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली है, जिसके बाद से ये कहा जा रहा है कि आज पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान किया जा सकता है। आगामी दिनों में पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में चुनाव होने हैं। ऐसे में निर्वाचन आयोग अगर आज निर्वाचन की तारीखों का ऐलान करती है तो इन राज्यों में आज से ही आदर्श आचार संहिता लागू कर दी जाएगी। लेकिन इस बीच तमिलनाडु के सियासी गलियारे से बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। खबर है कि केंद्र की सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने हाल ही में अस्तित्व में आए विजय थलापति की पार्टी TVK को गठबंधन का खुला ऑफर दिया है। इतना ही नहीं खबर तो ये भी है कि भाजपा ने विजय को उपमुख्यमंत्री की कुर्सी भी देने का वादा किया है।
TVK-BJP Alliance Possibility दक्षिण भारत की राजनीति पर गौर करें तो यहां सियासत में फिल्मी सितारों का गहरा प्रभाव देखने को मिलता है। कई ऐसे नेता हुए जो फिल्मी करियर से राजनीति में आए और यहां सीएम तक का सफर तय किया। सूत्रों की मानें तो भाजपा ने विजय को 80 विधानसभा सीट और डिप्टी सीएम का पद देने का ऑफर दिया है। बीजेपी रणनीतिकारों का आकलन है कि तमिलनाडु के कड़े मुकाबले में महज 2 प्रतिशत वोटों का अंतर भी जीत और हार की दिशा बदल सकता है। विजय की जबरदस्त लोकप्रियता को देखते हुए बीजेपी उन्हें अपने पाले में लाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है।
सूत्रों ने जानकारी देते हुए ये भी बताया है कि विजय के साथ गठबंधन को लेकर कई राज्यों के सीएम चर्चा कर रहे हैं। हालांकि ये भी कहा जा रहा है कि बात डिप्टी सीएम और सीएम की कुर्सी पर अटक सकती है, क्योंकि विजय थलापति सीएम कुर्सी का ख्वाब देख रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विजय अपनी पहली ही चुनावी पारी में मुख्य भूमिका निभाना चाहते हैं, जो वर्तमान बातचीत में सबसे बड़ा ‘स्पीड ब्रेकर’ बना हुआ है।
वहीं, विजय के करीबी सलाहकारों के बीच इस गठबंधन को लेकर चिंताएं भी हैं। विजय ने अपनी राजनीति की शुरुआत एक ‘तीसरे विकल्प’ और स्वतंत्र ताकत के रूप में की है। सलाहकारों का मानना है कि इतनी जल्दी किसी राष्ट्रीय गठबंधन (NDA) का हिस्सा बनने से उनकी नई और अलग राजनीति की छवि धूमिल हो सकती है।