चेन्नई, 14 जनवरी (भाषा) अभिनय से राजनीति में आए विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने कहा है कि राहुल गांधी ने अभिनेता की फिल्म ‘जन नायकन’ को समर्थन देकर ‘‘मित्रवत भाव’’ दर्शाया है, वहीं कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई ने कहा है कि उनके नेता ने सेंसर बोर्ड को निशाना बनाकर यह बयान दिया था और इसके पीछे कोई ‘राजनीतिक मकसद’ नहीं है।
टीवीके के एक वरिष्ठ नेता ने मंगलवार को कहा कि 27 सितंबर, 2025 को करूर में हुई भगदड़ के बाद से उन्होंने समर्थन जताया तथा विजय की आखिरी फिल्म के पक्ष में और केंद्र सरकार का विरोध करते हुए उनका आज का बयान मैत्रीपूर्ण भाव को दर्शाता है।
हालांकि, उन्होंने चुनावी गठबंधन को लेकर किसी भी तरह की अटकलों से इनकार कर दिया और कहा कि यह फैसला केवल पार्टी प्रमुख ही ले सकते हैं।
तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी ने कहा कि गांधी का बयान केवल सेंसर बोर्ड के ‘अलोकतांत्रिक तरीकों’ को निशाना बनाकर दिया गया था और इस बयान के पीछे कोई राजनीतिक या चुनावी मकसद नहीं था।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘फिल्म ‘जन नायकन’ को रोकने के प्रयास को लेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को निशाना बनाने वाला हमारे नेता राहुल गांधी का बयान (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का असली चेहरा उजागर करता है जो न केवल अलोकतांत्रिक है, बल्कि फासीवादी भी है और इस बयान का तमिलनाडु की राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में कांग्रेस पार्टी केवल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के साथ ही गठबंधन करेगी और यह बात 200 प्रतिशत स्पष्ट है। उन्होंने कहा, ‘‘कोई बदलाव नहीं होगा।’’
टीवीके के एक नेता ने कहा, ‘‘शुरू से ही राहुल गांधी हमारी पार्टी के संस्थापक नेता विजय के प्रति मित्रवत रहे हैं।’’
करूर भगदड़ के समय उन्होंने विजय से बात की थी। आज उन्होंने ‘जन नायकन’ के समर्थन में और केंद्र सरकार के विरोध में यह बयान दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मैत्रीपूर्ण कदम का स्वागत करते हैं लेकिन हम किसी भी तरह की अटकलों में नहीं पड़ना चाहते और गठबंधन से जुड़े सभी फैसले केवल हमारे पार्टी प्रमुख ही लेते हैं।’’
इससे पहले मंगलवार को ही राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ‘‘सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जन नायकन को रोकने का प्रयास तमिल संस्कृति पर हमला है।’’
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ‘‘श्री मोदी, आप तमिल लोगों की आवाज को दबाने में कभी सफल नहीं होंगे।’’
भाषा सुरभि वैभव
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