चेन्नई, छह सितंबर (भाषा) शहर के बेसंत नगर में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के एक पदाधिकारी की हथियारों से लैस गिरोह ने हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
इस हत्या के बाद विपक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि हत्या के मामले में अब तक कम से कम पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस ने बताया कि शनिवार रात कन्नन नाम के व्यक्ति का पीछा किया गया और धारदार हथियारों से हमला किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, कन्नन एक ‘हिस्ट्रीशीटर’ था और उसका आपराधिक इतिहास था। हमले की सीसीटीवी फुटेज सामने आई है, जिसे व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि पुरानी दुश्मनी इस हत्या की वजह हो सकती है और यह बदले की कार्रवाई का मामला प्रतीत होता है।
इस घटना के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि टीवीके ‘‘अपराधियों के पनाह लेने की जगह बन गई है।’’
द्रमुक नेता ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्तारूढ़ टीवीके में शामिल एक हिस्ट्रीशीटर को खुलेआम सड़क पर दौड़ाकर मार दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही वह कानून-व्यवस्था है जिसे तमिलनाडु में स्थापित करने का दावा सरकार करती है।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब मुख्यमंत्री और टीवीके संस्थापक सी. जोसेफ विजय को तमिलनाडु विधानसभा में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विपक्ष की आलोचना का जवाब देना है।
पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास ने सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने पिछले पखवाड़े में उपनगरों में हुई हत्या और एटीएम लूट की तीन घटनाओं का जिक्र किया।
रामदास ने कहा कि कन्नन की हत्या से लोगों में डर पैदा हो गया है।
भाषा
शुभम नेत्रपाल
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