भजनपुरा में कंपनी प्रतिनिधि से सशस्त्र लूट के प्रयास में दो लोग दोषी करार
भजनपुरा में कंपनी प्रतिनिधि से सशस्त्र लूट के प्रयास में दो लोग दोषी करार
नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने 2018 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाके में अमेजन के कंपनी प्रतिनिधि (डिलीवरी एजेंट) से बंदूक के बल पर लूट के प्रयास के मामले में दो लोगों को दोषी ठहराया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बलविंदर सिंह की अदालत मोहम्मद आरिफ उर्फ शानू और समीर खान के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रही थी, जिन पर नौ सितंबर 2018 को कंपनी प्रतिनिधि धर्म सिंह पर हमला करने का आरोप है।
अदालत ने 27 मार्च के अपने आदेश में कहा, “अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि अभियोजन पक्ष ने संदेहों से परे यह साबित कर दिया है कि घटना के दिन दोनों आरोपी आरिफ उर्फ शानू और समीर क्रमशः पिस्तौल और चाकू जैसे घातक हथियारों से लैस थे।”
दोनों आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 393 (लूट का प्रयास), 398 (घातक हथियार से लैस होकर लूट का प्रयास) और 34 (साझा इरादा) के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अभियोग तय किए गए थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, शिकायतकर्ता धर्म सिंह यमुना विहार में मोटरसाइकिल से पार्सल पहुंचाने जा रहे थे तभी दोनों आरोपियों ने भगत सिंह पार्क के पास उन्हें रोका और सामान नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी।
हालांकि, शिकायतकर्ता ने आरिफ को धक्का देकर खुद को छुड़ाया और मदद के लिए चिल्लाते हुए वहां से भाग निकले। क्षेत्र में गश्त कर रहे दो पुलिसकर्मी उनकी आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे।
अदालत के अनुसार, आरोपियों ने पुलिस को भी हथियार दिखाकर धमकाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने दोनों को काबू कर गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से कारतूस सहित .32 बोर की देसी पिस्तौल और चाकू बरामद किए गए।
अदालत ने शिकायतकर्ता की गवाही को “पूरी तरह दृढ़, सुसंगत और निर्विवाद” बताया। न्यायाधीश ने कहा कि शिकायतकर्ता ने घटना का स्पष्ट और एकसमान विवरण दिया तथा अदालत में दोनों आरोपियों की सही पहचान की।
अदालत ने यह भी कहा कि घटनास्थल पर पुलिस की मौजूदगी प्रस्थान प्रविष्टियों के जरिए दर्ज थी और फॉरेंसिक रिपोर्ट (एफएसएल) से यह पुष्टि हुई कि बरामद हथियार चालू स्थिति में था।
अदालत ने कहा कि घटना को अंजाम देने के तरीके से यह भी स्पष्ट होता है कि दोनों आरोपी साझा इरादे के तहत काम कर रहे थे।
इसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को आईपीसी की धारा 393, 398 और 34 के तहत दोषी ठहराया।
भाषा खारी रंजन
रंजन

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