पुणे में कॉलेज की दीवार से प्रधानमंत्री की तस्वीर हटाने के मामले में मनसे के दो कार्यकर्ता गिरफ्तार

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पुणे में कॉलेज की दीवार से प्रधानमंत्री की तस्वीर हटाने के मामले में मनसे के दो कार्यकर्ता गिरफ्तार

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  • Publish Date - September 1, 2026 / 09:04 PM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 09:04 PM IST

पुणे/मुंबई, एक सितंबर (भाषा) पुणे के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर कथित तौर पर हटाए जाने के मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर मुंबई में भी तनाव बढ़ गया, जहां भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं और मनसे कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। इसके बाद दादर और माहिम में पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया।

इससे पहले, सोमवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बेटे और पार्टी नेता अमित ठाकरे समेत अन्य लोगों के खिलाफ संस्थान के एक कार्यालय की दीवार से प्रधानमंत्री की तस्वीर कथित तौर पर हटाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।

चतुश्रृंगी पुलिस थाने के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘इस घटना के संबंध में पूछताछ के लिए मनसे के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच जारी है।’

कॉलेज अधिकारी की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, मनसे की छात्र इकाई के प्रमुख अमित ठाकरे सोमवार दोपहर सदस्यता अभियान के सिलसिले में कॉलेज पहुंचे थे।

शिकायत के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर अपने समर्थकों से कार्यालय की दीवार पर लगी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर हटाने को कहा। यह तस्वीर छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बी. आर. आंबेडकर और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तस्वीरों के साथ लगी हुई थी।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अमित ठाकरे और अन्य लोग बिना अनुमति के कार्यालय में दाखिल हुए, तस्वीर हटाई, कर्मचारियों को धमकाया, नारेबाजी की और हंगामा किया।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

अमित ठाकरे ने सोमवार को कहा कि उनके राजनीतिक करियर में पहला पुलिस मामला छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े आंदोलन के कारण दर्ज हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘अगर दूसरा मामला भी छत्रपति शिवाजी महाराज के लिए दर्ज होता है, तो मुझे खुशी होगी।’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता गणेश बिडकर ने इस कृत्य की आलोचना करते हुए कहा कि अमित ठाकरे ने राजनीतिक अपरिपक्वता दिखाई है।

इस बीच, मंगलवार को इस मुद्दे को लेकर मुंबई के माहिम इलाके में पार्टी कार्यालय के बाहर भाजपा की युवा इकाई के कार्यकर्ताओं और मनसे समर्थकों के बीच आमना-सामना हुआ।

महाराष्ट्र भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष कृष्णराज महाडिक ने कई समर्थकों के साथ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। यह प्रदर्शन ठाकरे द्वारा अपने सहयोगियों से प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर हटाने को कहने के कृत्य की निंदा करने के लिए किया गया था।

मनसे समर्थक भी वहां जुट गए और उन्होंने भाजपा प्रदर्शनकारियों का विरोध किया। स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और कई लोगों को हिरासत में लिया गया।

महाडिक ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमारे कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और किसी की चेन भी गायब हो गई। एक कार्यकर्ता की सोने की चेन चोरी हो गई। हमारे खिलाफ गुंडे क्यों भेजे गए? हम शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन मनसे ने अपने गुंडे भेज दिए। अब हमारी मांग है कि मनसे के गुंडों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए।’

उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने घटना की सीसीटीवी फुटेज मांगी है और आरोप लगाया कि जिस भी चौक से वे गुजरे, वहां उन्हें मनसे समर्थकों का सामना करना पड़ा।

महाडिक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत लगाई गई थी और उन्होंने ठाकरे पर इसे हटाने का आरोप लगाते हुए इसे ‘राजनीतिक दिखावा’ करार दिया।

उन्होंने कहा, ‘मैं छात्रों के मुद्दे उठाने के ठाकरे के कदम का स्वागत करता हूं, लेकिन हम इस तरह की गुंडागर्दी को पूरी तरह खारिज करते हैं।’

औरंगाबाद नाम के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए महाडिक ने कहा कि भाजपा ने अपने पार्षदों से लेटरहेड से इसे हटाने को कहा था, क्योंकि अब आधिकारिक नाम छत्रपति संभाजीनगर है।

उन्होंने कहा, ‘विधान भवन में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की तस्वीरें लगी हैं। क्या उन्हें भी हटा दिया जाना चाहिए? इस तरह के हास्यास्पद व्यवहार को रोका जाना चाहिए।’

इस बीच, नवी मुंबई की नेरुल पुलिस छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के कथित रूप से अनधिकृत उद्घाटन से जुड़े एक अलग विवाद के मामले में अमित ठाकरे को कानूनी नोटिस देने के लिए दादर स्थित राज ठाकरे के आवास शिवतीर्थ पहुंची।

भाषा तान्या दिलीप

दिलीप