उद्धव ठाकरे मुंबई से बाहर नहीं निकलते, पार्टी कार्यकर्ता खुद को लावारिस महसूस कर रहे हैं: शिंदे

उद्धव ठाकरे मुंबई से बाहर नहीं निकलते, पार्टी कार्यकर्ता खुद को लावारिस महसूस कर रहे हैं: शिंदे

उद्धव ठाकरे मुंबई से बाहर नहीं निकलते, पार्टी कार्यकर्ता खुद को लावारिस महसूस कर रहे हैं: शिंदे
Modified Date: January 11, 2026 / 09:30 pm IST
Published Date: January 11, 2026 9:30 pm IST

छत्रपति संभाजीनगर, 11 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को कहा कि शिवसेना (उबाठा) के कार्यकर्ता खुद को लावारिस महसूस कर रहे हैं, क्योंकि उनके नेता उद्धव ठाकरे मुंबई से बाहर नहीं निकल रहे हैं।

आगामी 15 जनवरी को होने वाले महानगरपालिका (मनपा) चुनाव के लिए एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पहले कांग्रेस और बाद में महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार ने छत्रपति संभाजीनगर के विकास को रोका और यहां भी मुंबई जैसा भ्रष्टाचार शुरू कर दिया।

शिंदे की शिवसेना छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका की 96 सीट पर चुनाव लड़ रही है।

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शिंदे ने कहा कि कांग्रेस और एमवीए के भ्रष्टाचार के कारण शहर की पानी की समस्या अनसुलझी रही, कार्यादेश जारी होने से पहले ही पाइपलाइन योजना का भूमि पूजन कर दिया गया था। अब काम जारी है और दो महीने में शहर को पानी मिलेगा।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने इस परियोजना के लिए 822 करोड़ रुपये मंजूर किए थे।

उपमुख्यमंत्री ने हिंदुत्व की विचारधारा छोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे ने पूर्व महापौर राशिद खान को टिकट दिया है, जिन्होंने शहर का नाम औरंगाबाद से बदलकर छत्रपति संभाजीनगर करने का विरोध किया था। शिंदे ने तंज कसते हुए कहा कि अब यह ‘राशिद मामू’ की पार्टी बन गई है।

उन्होंने रैलियों में पाकिस्तानी झंडे लहराने की अनुमति देने को हिंदुत्व के साथ धोखा बताया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग हिंदुत्व का फर्जी मुखौटा पहनकर जनता को गुमराह कर रहे हैं और ऐसी ताकतों को शहर से बाहर रखा जाना चाहिए।

शिंदे ने 2022 के राजनीतिक घटनाक्रम को याद करते हुए कहा कि उन्होंने बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को ध्यान में रखकर सरकार बदली थी।

भाषा सुमित सुरेश

सुरेश


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