यूडीएफ, एलडीएफ नेताओं ने सीएमआरएल से अवैध भुगतान के भाजपा के आरोपों को नकारा

यूडीएफ, एलडीएफ नेताओं ने सीएमआरएल से अवैध भुगतान के भाजपा के आरोपों को नकारा

यूडीएफ, एलडीएफ नेताओं ने सीएमआरएल से अवैध भुगतान के भाजपा के आरोपों को नकारा
Modified Date: September 24, 2026 / 05:27 pm IST
Published Date: September 24, 2026 5:27 pm IST

तिरुवनंतपुरम, 24 सितंबर (भाषा) केरलम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से अवैध भुगतान लेने के आरोपों को सत्तारूढ़ संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और विपक्षी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के नेताओं ने बृहस्पतिवार को नकार दिया।

स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने पत्रकारों से कहा कि चुनाव लड़ने के दौरान उन्हें कई साल पहले कंपनी के प्रबंध निदेशक शशिधरण कार्था से चुनावी चंदा मिला था। उन्होंने कहा, ‘‘छिपाने के लिए कुछ नहीं है। कई साल पहले चुनाव के दौरान सहयोग दिया गया था।’’

मुरलीधरन ने कहा कि चुनावी चंदा प्राप्त करना और रिश्वत लेना, दोनों अलग-अलग बातें हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जब चुनाव आते हैं तो लोग हमारी मदद करते हैं। अगर आप उन लोगों की सूची देखें, जिन्होंने चंदा स्वीकार किया है, तो केरलम में हर पार्टी को चंदा दिया गया है।’’

भाजपा की प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष शॉन जॉर्ज ने आज आरोप लगाया था कि यूडीएफ और एलडीएफ नेताओं को सीएमआरएल से धन मिला था।

जॉर्ज ने दावा किया था कि इसी वजह से राज्य सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की सिफारिश के बाद भी नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन के खिलाफ उचित जांच का आदेश नहीं दिया।

ईडी की रिपोर्ट में सीएमआरएल द्वारा विजयन की बेटी वीणा टी. को कथित रूप से किए गए भुगतान का उल्लेख था।

ईडी ने आरोप लगाया है कि सीएमआरएल ने ‘‘आईटी परामर्श सेवाओं’’ की आड़ में वीणा की कंपनी ‘एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस’ को 2.78 करोड़ रुपये का कथित रूप से फर्जी भुगतान किया।

यह कंपनी अब बंद हो चुकी है।

मुरलीधरन ने कहा कि सरकार ने ईडी के आरोपों को आंख मूंद कर स्वीकार नहीं किया।

भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि इन आरोपों पर चर्चा होनी चाहिए और इन्हें सार्वजनिक बहस का विषय बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘इस पर चर्चा होनी चाहिए। इसे बहस का मुद्दा बनाया जाना चाहिए और भाजपा यही चाहती है। यह राजनीति के लिए नहीं बल्कि हमारा मानना है कि इस राजनीति में बदलाव जरूरी है।’’

चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि ईडी की ओर से भेजे गए सबूतों के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है और सतर्कता जांच का आदेश नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘जनता पूछ रही है कि ऐसा क्यों है। यह वास्तव में एक जायज सवाल है। आज, जैसा कि हमारे नेता शॉन जॉर्ज ने कहा, सवाल यह है कि क्या पैसा मौजूदा मुख्यमंत्री को दिया गया था। इसका जवाब उन्हें ही देना चाहिए। प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की जा रही है, इसका जवाब गृह मंत्री और मुख्यमंत्री को देना चाहिए।’’

मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन और उद्योग मंत्री पी. के. कुन्हालीकुट्टी ने आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

माकपा के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने कहा कि किसी भी पार्टी नेता ने उचित माध्यमों के अलावा कोई धन स्वीकार नहीं किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘एक बात तय है कि उचित माध्यमों के अलावा वामपंथी दल में किसी ने भी कोई धन स्वीकार नहीं किया होगा। चुनाव और पार्टी सम्मेलन के अलावा यह कहा जा सकता है कि माकपा में किसी ने भी किसी अन्य उद्देश्य के लिए किसी कारोबारी से पैसा स्वीकार नहीं किया है। बाकी चीजें जांच के बाद स्पष्ट होंगी।’’

निर्दलीय विधायक जी. सुधाकरन ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उनका नाम इस सूची में कैसे आया।

अंबालापुझा विधानसभा क्षेत्र से विधायक और माकपा के पूर्व नेता सुधाकरन ने कहा कि वह मानहानि का मुकदमा दायर नहीं करेंगे और आरोप लगाया कि जॉर्ज ‘कभी-कभी हद से ज्यादा आगे बढ़ जाते हैं’।

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश


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