यूडीएफ ने एलडीएफ के केंद्र-विरोधी प्रदर्शन में शामिल होने से इनकार किया
यूडीएफ ने एलडीएफ के केंद्र-विरोधी प्रदर्शन में शामिल होने से इनकार किया
(तस्वीरों के साथ)
तिरुवनंतपुरम, 12 जनवरी (भाषा) केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने सोमवार को कहा कि वह केंद्र सरकार के खिलाफ सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के किसी भी प्रदर्शन में शामिल नहीं होगा।
यूडीएफ ने आरोप लगाया कि राज्य में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले एलडीएफ और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच “गुप्त समझौता” है।
मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन के नेतृत्व में राज्य सरकार के मंत्रियों ने सोमवार को यहां भाजपा नीत केंद्र के खिलाफ ‘सत्याग्रह’ किया।
इस बीच, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने कहा कि यूडीएफ विजयन और उनकी सरकार के साथ हाथ नहीं मिलाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विजयन सरकार “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने झुक गई है।”
सतीशन ने यह टिप्पणी केरल के प्रति कथित भेदभावपूर्ण रवैये को लेकर केंद्र के खिलाफ एलडीएफ के प्रदर्शन में शामिल न होने के लिए विजयन द्वारा यूडीएफ की आलोचना किए जाने से जुड़े सवालों के जवाब में की।
नेता प्रतिपक्ष ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में एलडीएफ पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विरोध-प्रदर्शनों के माध्यम से खुद को केंद्र का विरोधी बता रही है, लेकिन हकीकत में वह उसकी तरफ से लिए गए फैसलों का समर्थन भी कर रही है।
पीएम-श्री जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए सतीशन ने कहा कि केंद्रीय योजनाओं को लेकर सरकार का रुख जगजाहिर है।
उन्होंने कहा, “अगर हम ऐसे विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा लेते हैं, तो हम भी अपनी विश्वसनीयता खो देंगे।”
सतीशन ने आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा और माकपा नीत गठबंधन एक-दूसरे को कानूनी मामलों से बचाने के लिए मिलीभगत में काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया, “केरल के लोग उनके बीच हुए गुप्त समझौते से वाकिफ हैं।”
सतीशन ने माकपा पर भाजपा के राजनीतिक दृष्टिकोण के अनुकूल बहुसंख्यक सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि माकपा और मुख्यमंत्री विजयन “राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक विभाजन का फायदा उठाकर” संघ परिवार के समान राजनीतिक मार्ग पर चल रहे हैं।
सतीशन ने दावा किया कि लोकसभा चुनावों तक अल्पसंख्यक सांप्रदायिकता को प्रोत्साहित किया जा रहा था, लेकिन अब माकपा बहुसंख्यक सांप्रदायिकता को बढ़ावा दे रही है और ‘सत्याग्रह’ का मकसद इस बदलाव से जनता का ध्यान भटकाना है।
पालयाम शहीद स्मारक के सामने ‘सत्याग्रह’ करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए सतीशान ने आरोप लगाया कि यह कवायद “भाजपा नेताओं के साथ गुप्त राजनीतिक समझौतों को छिपाने” के उद्देश्य से की गई है।
उन्होंने कहा कि केरल में राजनीतिक मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस और माकपा के बीच बना हुआ है।
सतीशन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की विरोधी होने के कारण भाजपा राज्य में मार्क्सवादी पार्टी की अप्रत्यक्ष रूप से मदद कर रही है।
उन्होंने कहा कि यूडीएफ को संघ परिवार का विरोध करने के लिए मुख्यमंत्री विजयन से किसी सलाह की जरूरत नहीं है।
विजयन ने यूडीएफ की आलोचना करते हुए आरोप लगाया था कि विपक्षी गठबंधन “राज्य के साथ भेदभाव” के खिलाफ एकजुट रुख अपनाने में विफल रहा है।
भाषा पारुल नेत्रपाल
नेत्रपाल

Facebook


