‘क्षत्रिय करणी सेना’ के साथ सरकार की बातचीत के बाद दिल्ली में ‘यूजीसी रोलबैक महापंचायत’ स्थगित

‘क्षत्रिय करणी सेना’ के साथ सरकार की बातचीत के बाद दिल्ली में ‘यूजीसी रोलबैक महापंचायत’ स्थगित

‘क्षत्रिय करणी सेना’ के साथ सरकार की बातचीत के बाद दिल्ली में ‘यूजीसी रोलबैक महापंचायत’ स्थगित
Modified Date: September 20, 2026 / 01:06 pm IST
Published Date: September 20, 2026 1:06 pm IST

नयी दिल्ली, 20 सितंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्रियों जे पी नड्डा और जितेंद्र सिंह की ‘क्षत्रिय करणी सेना’ संगठन के सदस्यों के साथ बातचीत के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर रविवार को प्रस्तावित ‘यूजीसी रोलबैक सवर्ण महापंचायत’ को स्थगित कर दिया गया। ‘क्षत्रिय करणी सेना’ संगठन के सदस्यों ने ही इस महापंचायत का आह्वान किया था।

नड्डा ने शनिवार रात करीब दो बजे ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बैठक के नतीजे की जानकारी दी।

नड्डा ने कहा कि उन्होंने और जितेंद्र सिंह ने क्षत्रिय करणी सेना के अध्यक्ष राज शेखावत तथा उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा की। शेखावत ‘यूजीसी रोलबैक सवर्ण महापंचायत समिति’ के संस्थापक भी हैं।

नड्डा ने कहा, ‘‘इस बैठक में उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सौहार्दपूर्ण माहौल में चर्चा हुई और सरकार उनकी मांगों पर उचित विचार करेगी। अगले तीन सप्ताह के भीतर उनके साथ एक और बैठक होगी। राज शेखावत और उनके प्रतिनिधिमंडल ने 20 सितंबर को प्रस्तावित महापंचायत स्थगित करने का फैसला किया है।’’

प्रतिनिधिमंडल में ‘समृद्ध सनातन संघ’ संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शुभांशु सिंह राजपूत, ‘ऑल इंडिया क्षत्रिय महासभा’ संगठन के आईटी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष आर.के. सिंह, ‘क्षत्रिय करणी सेना’ संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष (महिला शाखा) अधिवक्ता गीता सिंह और ‘सवर्ण महापंचायत समिति’ संगठन के कानूनी सलाहकार अधिवक्ता हिमांशु शर्मा शामिल थे।

प्रस्तावित महापंचायत में यूजीसी विनियम, 2026 और आरक्षण नीतियों को लेकर चिंताएं उठाई जानी थीं।

इससे पहले ‘क्षत्रिय करणी सेना’ ने ‘‘सामान्य श्रेणी के सभी नागरिकों’’ से रविवार सुबह 10 बजे महापंचायत में शामिल होने की अपील की थी।

नड्डा के पोस्ट के बाद शेखावत ने इस घटनाक्रम को अपनी सामूहिक कोशिशों की ‘‘महत्वपूर्ण उपलब्धि’’ बताया।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यूजीसी रोलबैक सवर्ण महापंचायत के एलान से लेकर आज तक हम सभी एकजुट रहे और लगातार कोशिशें कीं। इन कोशिशों का नतीजा अब हमारे सामने है। हमारी लगातार कोशिशों के कारण केंद्र सरकार ने हमारे साथ बातचीत करने का प्रस्ताव दिया है। यह हमारी सामूहिक कोशिशों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।’’

शेखावत ने कहा कि सरकार ने उनके उठाए गए मुद्दों की ‘‘तार्किक और व्यापक’’ जांच के लिए तीन हफ्ते का समय मांगा है, जिसके बाद सरकार और उनके प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत का एक और दौर होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह सहित वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बातचीत के इन दौर में यूजीसी विनियम, 2026 से जुड़ी अलग-अलग कमियों और चिंताओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार ने कहा है कि वह इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करेगी और इनका विस्तार से अध्ययन करेगी।’’

शेखावत ने यह भी घोषणा की कि रविवार को होने वाली महापंचायत को अगले आदेश तक टाल दिया गया है।

भाषा सुरभि रंजन

रंजन


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