यूक्रेन ने भारत में हिरासत में लिये गये यूक्रेनी नागरिकों को राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराने की मांग की

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यूक्रेन ने भारत में हिरासत में लिये गये यूक्रेनी नागरिकों को राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराने की मांग की

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  • Publish Date - March 19, 2026 / 10:54 PM IST,
    Updated On - March 19, 2026 / 10:54 PM IST

नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसे मिजोरम में अवैध रूप से प्रवेश करने और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किए गए छह यूक्रेनी नागरिकों को राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराने का यूक्रेन की ओर से अनुरोध प्राप्त हुआ है।

यूक्रेन के छह नागरिकों और एक अमेरिकी नागरिक को 13 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने उन्हें 27 मार्च तक जांच एजेंसी की हिरासत में भेज दिया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘यह एक कानूनी मामला है। संबंधित सरकारी एजेंसियां ​​फिलहाल इसकी जांच कर रही हैं।’’

वह यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी से संबंधित सवालों का जवाब दे रहे थे।

जायसवाल ने कहा कि भारत को यूक्रेनी पक्ष से यूक्रेनी नागरिकों को राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराने एक अनुरोध प्राप्त हुआ है और कानूनी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा।

इस बीच, यूक्रेन ने कहा कि वह भारत में ‘आतंकवादी गतिविधियों का साथ देने में अपनी किसी तरह की संलिप्तता के आरोपों को सिरे से खारिज करता है।’

खबरों में कहा गया है कि यूक्रेनी नागरिकों पर म्यामां में कुछ ऐसे समूहों की मदद करने के संदेह में गैरकानूनी गतिविधियों का आरोप लगाया गया है, जो भारत विरोधी विद्रोही समूहों के साथ मिलकर काम करती हैं।

यूक्रेन के राजदूत ओलेक्सांद्र पोलिशचुक ने इस सप्ताह विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज से मुलाकात की और यूक्रेनी नागरिकों के सिलसिले में राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराने की मांग की।

यूक्रेन के दूतावास ने बृहस्पतिवार को मीडिया की उन खबरों का कड़ा संज्ञान लिया जिनमें संकेत दिया गया था कि इस मामले में कार्रवाई की शुरुआत रूसी पक्ष द्वारा प्रदान की गई जानकारी पर ‘आधारित’ है।

एक बयान में, इस दूतावास ने उन परिस्थितियों पर अपनी ‘गंभीर चिंता’ व्यक्त की, जो इस मामले की संभावित सुनियोजित और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रकृति की ओर इशारा करती हैं, जैसा कि विशेष रूप से इस स्तर पर ज्ञात तथ्यों से स्पष्ट होता है।

दूतावास ने कहा, ‘‘यूक्रेन आतंकवादी गतिविधियों में साथ देने में अपनी संभावित संलिप्तता के आरोपों को दृढ़ता से खारिज करता है।

दूतावास ने अगस्त 2024 में जारी भारत-यूक्रेन के संयुक्त बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें दोनों पक्षों ने आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की थी।

भाषा राजकुमार देवेंद्र

देवेंद्र