दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर स्थित अनधिकृत ढांचे ढहाए गए

दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर स्थित अनधिकृत ढांचे ढहाए गए

दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर स्थित अनधिकृत ढांचे ढहाए गए
Modified Date: August 20, 2026 / 08:36 pm IST
Published Date: August 20, 2026 8:36 pm IST

नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर बने कुछ अनधिकृत ढांचों को जवाबी कार्रवाई के तहत अधिकारियों ने ढहा दिया। यह कार्रवाई इस सप्ताह इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर लगे पार्किंग खंभों को पाकिस्तान द्वारा हटाए जाने के बाद की गई।

अधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि इन ढांचों को इसलिए ढहाया गया क्योंकि उनका निर्माण उच्चायोग की निर्धारित सीमा से बाहर किया गया था।

सूत्रों ने बताया कि संबंधित एजेंसियों ने जेसीबी मशीन की मदद से यह कार्रवाई की और परिसर के बाहर गली में बने ढांचों तथा अवरोधकों को हटा दिया। इनमें वीजा अनुभाग के पास कतार व्यवस्थित करने के लिए लगाए गए अवरोधक भी शामिल हैं।

घटनास्थल के दृश्यों में उच्चायोग के बाहर मलबा बिखरा दिखाई दे रहा है तथा टूटी हुई रेलिंग और गेट, धातु के मुड़े हुए फ्रेम, ईंटें और दीवार की ऊपरी परत के टुकड़े नजर आ रहे हैं।

दृश्यों में बाहरी ढांचों के कुछ हिस्से पूरी तरह ढहे हुए दिखाई दे रहे हैं।

मलबे के बीच वीजा अनुभाग दिखाई दे रहा है जहां सेवा खिड़कियों पर ‘विंडो 1’ (खिड़की संख्या एक), ‘पाकिस्तानी पासपोर्ट ओनली’ (केवल पाकिस्तानी पासपोर्ट) और ‘विंडो-5/कलेक्शन ऑफ वीजा एप्लीकेशंस’ (खिड़की संख्या पांच/वीजा आवेदनों का संग्रह) लिखा है।

कई काउंटर के आसपास टूटी हुई बाड़ और निर्माण सामग्री भी पड़ी नजर आ रही है।

पाकिस्तान उच्चायोग का मुख्य प्रवेश द्वार सुरक्षित है। इसकी सफेद दीवारें, गुंबदनुमा ढांचे और पाकिस्तान के प्रतीक चिह्न वाले बड़े गेट बरकरार हैं। परिसर की चारदीवारी के कुछ हिस्सों पर कंटीले तारों की बाड़ भी नजर आ रही है।

इससे पहले पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर सुरक्षा अवरोधक और पार्किंग खंभे हटा दिए थे।

पाकिस्तानी अधिकारियों की इस कार्रवाई और उसके बाद भारतीय एजेंसियों द्वारा अनधिकृत ढांचों को हटाने की कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब दोनों देशों के बीच संबंधों में लंबे समय से तनाव बना हुआ है।

भारत द्वारा पिछले साल मई में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाते हुए चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दोनों देशों के संबंध निचले स्तर पर पहुंच गए।

भाषा

शुभम अविनाश

अविनाश


लेखक के बारे में