‘मिशन अनमोल’ के तहत अब दिल्ली में प्रति वर्ष ढाई लाख शिशुओं की जांच की जाएगी

‘मिशन अनमोल’ के तहत अब दिल्ली में प्रति वर्ष ढाई लाख शिशुओं की जांच की जाएगी

‘मिशन अनमोल’ के तहत अब दिल्ली में प्रति वर्ष ढाई लाख शिशुओं की जांच की जाएगी
Modified Date: April 7, 2026 / 08:52 pm IST
Published Date: April 7, 2026 8:52 pm IST

नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) दिल्ली सरकार ने नवजात शिशुओं में आनुवंशिक और चयापचय संबंधी विकार का पता लगाने के लिए ‘मिशन अनमोल’ को लागू करने को मंजूरी देते हुए इसके तहत शिशुओं की जांच का दायरा बढ़ाकर ढाई लाख प्रति वर्ष कर दिया है। एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गई।

बयान के मुताबिक, इसी के साथ सरकार ने कार्यक्रम को और मजबूत बनाने के लिए कुल 148 पद स्वीकृत किए हैं।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पिछले महीने बजट पेश करते हुए नवजात शिशुओं की उन्नत निगरानी और इष्टतम जीवन-देखभाल (अनमोल) योजना 25 करोड़ रुपये के साथ शुरू करने की घोषणा की थी और इसके तहत नवजात बच्चों के रक्त की एक बूंद से 56 प्रकार के परीक्षण दिल्ली सरकार द्वारा नि:शुल्क किये जाएंगे।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ पंकज कुमार सिंह ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि ‘मिशन अनमोल’ पहल के तहत अब हर साल 1.5 लाख की जगह लगभग 2.5 लाख नवजात शिशुओं की पूरी जांच की जाएगी।

उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में लगभग हर नवजात की जांच सुनिश्चित की जा सके। इस विस्तार से कई प्रकार की चयापचय, ‘एंडोक्राइन’, ‘फंक्शनल’ और जन्मजात बीमारियों की समय रहते पहचान और समुचित इलाज सुनिश्चित होगा, जिससे भविष्य में नवजातों के स्वास्थ्य परिणामों में काफी सुधार होगा“

बयान के मुताबिक, इस कार्यक्रम के तहत जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म, जन्मजात हृदय रोग, सुनने की समस्या और समय से पहले जन्मे बच्चों में होने वाली आंखों की बीमारी (रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमैच्योरिटी) जैसी स्थितियों की जांच की जाएगी, ताकि प्रभावित बच्चों का समय रहते उपचार सुनिश्चित हो सके और उनके जीवन को और बेहतर बनाया जा सके।

सिंह ने कहा कि इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा बड़े पैमाने पर इसके कार्यान्वयन में सहायता के लिए मानव संसाधनों को और मजबूत बनाना है।

मंत्री के मुताबिक, इसके लिए कुल 148 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें मौजूदा 73 प्रयोगशाला और फील्ड कर्मचारियों के पदों को जारी रखा गया है तथा 60 स्टाफ नर्सों और 15 ‘ऑप्टोमेट्रिस्ट’ (आंखों की जांच करने वाले विशेषज्ञ) की नियुक्ति को भी मंज़ूरी दी गई है।

मंत्री ने कहा, “हमारा यह कार्यक्रम अस्पतालों, प्रयोगशालाओं और प्रबंधन इकाइयों के बीच एक बेहतर समन्वय स्थापित करेगा, ताकि हर नवजात की अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले पूरी तरह से जांच सुनिश्चित हो सके।”

भाषा नोमान नोमान दिलीप

दिलीप


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