वर्दी वाली सेवा के कर्मचारी को उच्च स्तर की ईमानदारी रखनी होती है :न्यायालय

वर्दी वाली सेवा के कर्मचारी को उच्च स्तर की ईमानदारी रखनी होती है :न्यायालय

वर्दी वाली सेवा के कर्मचारी को उच्च स्तर की ईमानदारी रखनी होती है :न्यायालय
Modified Date: November 29, 2022 / 07:47 pm IST
Published Date: May 11, 2022 10:13 pm IST

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वर्दी वाली किसी सेवा के कर्मचारी को उच्च स्तर की ईमानदारी रखनी होती है व उससे कानून का पालन करने की अपेक्षा की जाती है और बेईमानी के किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

शीर्ष अदालत ने राजस्थान में कांस्टेबल के पद के लिए आवेदन भरते समय अपने खिलाफ एक आपराधिक मामले के लंबित रहने की जानकारी नहीं देने वाले शख्स की उम्मीदवारी को खारिज किये जाने को उचित ठहराया।

न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने राजस्थान उच्च न्यायालय के मार्च 2020 के फैसले के खिलाफ राजस्थान सरकार की अपील को विचारार्थ स्वीकार कर लिया। अदालत ने कांस्टेबल (सामान्य) के पद पर नियुक्ति के लिए व्यक्ति के पक्ष पर विचार करने का निर्देश राज्य को देने के एकल न्यायाधीश के आदेश को बरकरार रखा था।

शीर्ष अदालत ने कहा कि कांस्टेबल का कर्तव्य कानून व्यवस्था बनाकर रखना है और अपेक्षा की जाती है कि वह ईमानदार और सच्चा होगा।

पीठ ने 23 पन्नों के फैसले में कहा, ‘‘वर्दी वाली सेवा में किसी कर्मचारी को उच्च स्तर की ईमानदारी रखनी होती है और उससे कानून का पालन करने की अपेक्षा की जाती है तथा बेइमानी एवं धोखे के किसी कृत्य को सहन नहीं किया जा सकता।’’

भाषा वैभव पवनेश

पवनेश


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