केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन के लिए मसौदा को मंजूरी दी: सूत्र

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन के लिए मसौदा को मंजूरी दी: सूत्र

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन के लिए मसौदा को मंजूरी दी: सूत्र
Modified Date: April 8, 2026 / 10:25 pm IST
Published Date: April 8, 2026 10:25 pm IST

नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) ऐसा माना जा रहा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन के लिए बुधवार को मसौदा विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस संशोधन के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने और उनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है तथा इसे 2029 के आम चुनाव में लागू किया जायेगा।

घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नारी शक्ति वंदन अधिनियम, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के नाम से जाना जाता है, में संशोधन के लिए मसौदा विधेयक को मंजूरी दी गई।

सरकार ने संसद के बजट सत्र की अवधि को बढ़ा दिया है और 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जायेगा, जिसमें संशोधन विधेयक पारित होने की उम्मीद है।

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान 2023 में संविधान संशोधन के माध्यम से लाया गया था, लेकिन यह 2027 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रभावी होता। इसलिए, यदि वर्तमान कानून यथावत रहता है, तो इसके 2034 में ही लागू होने की उम्मीद थी।

उपलब्ध व्यापक रूपरेखा के अनुसार, लोकसभा सीटों की संख्या वर्तमान 543 से बढ़कर 816 हो जाएगी, जिसमें से 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण प्रस्तावित 2027 की जनगणना के बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर किया जाएगा।

राज्य विधानसभाओं के लिए भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जहां सीटों का आरक्षण आनुपातिक आधार पर किया जाएगा।

जहां एक ओर संविधान संशोधन विधेयक नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव करेगा, वहीं दूसरी ओर एक अन्य सामान्य विधेयक परिसीमन अधिनियम में संशोधन करेगा।

संसद द्वारा अनुमोदित होने के बाद, प्रस्तावित कानून 31 मार्च, 2029 से लागू हो जाएंगे और ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और आंध्र प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनावों और विधानसभा चुनावों में सीटों के आरक्षण में मदद करेंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सितंबर 2023 में नारी शक्ति वंदन विधेयक को अपनी सहमति दी थी।

इस कानून को आधिकारिक तौर पर संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम के नाम से जाना जाता है।

भाषा

देवेंद्र माधव

माधव


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